अमरनाथ यात्रा के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा कवच! 670 CAPF कंपनियां तैनात, हर कदम पर रहेगी कड़ी निगरानी

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जम्मू: आगामी अमरनाथ यात्रा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व स्तर पर पहुंचा दी गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यात्रा मार्ग और उससे जुड़े संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की 670 कंपनियों की तैनाती को मंजूरी दे दी है। इसे अब तक की सबसे बड़ी अर्धसैनिक तैनाती माना जा रहा है। सुरक्षा बलों की यह अतिरिक्त तैनाती जम्मू-कश्मीर प्रशासन के समन्वय से 25 जून से पहले पूरी कर ली जाएगी, ताकि यात्रा शुरू होने से पहले दोनों प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा का मजबूत घेरा तैयार हो सके।

बालटाल और पहलगाम मार्ग पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम

यात्रा के दौरान बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों पर सुरक्षा को कई स्तरों पर मजबूत किया जाएगा। इसके तहत बेस कैंप, यात्री निवास, जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग, पठानकोट-जम्मू हाईवे और श्रद्धालुओं की आवाजाही वाले अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों को सुरक्षा घेरे में रखा जाएगा। सुरक्षा एजेंसियां विशेष रूप से ‘रोड ओपनिंग पार्टी’ (ROP) की तैनाती पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं, ताकि यात्रा मार्ग पर किसी भी संभावित खतरे को पहले ही निष्क्रिय किया जा सके।

रेलवे कॉरिडोर और हाईवे पर भी बढ़ेगी निगरानी

इस बार जम्मू-श्रीनगर रेलवे कॉरिडोर के संचालन और वंदे भारत एक्सप्रेस से यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की संभावित बढ़ी संख्या को देखते हुए रेलवे ट्रैक और हाईवे क्षेत्रों में भी सुरक्षा बढ़ाई जाएगी। एरिया डोमिनेशन पेट्रोलिंग, नियमित निगरानी और संवेदनशील इलाकों में विशेष गश्त के जरिए सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाएगा।

लखनपुर से अमरनाथ गुफा तक रहेगा सुरक्षा घेरा

सुरक्षा बलों की तैनाती जम्मू-कश्मीर के प्रवेश द्वार लखनपुर से लेकर पवित्र अमरनाथ गुफा तक पूरे यात्रा मार्ग पर की जाएगी। वहीं भारतीय सेना भी रणनीतिक ऊंचाइयों और संवेदनशील स्थानों पर तैनात रहकर सुरक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सेना और अर्धसैनिक बल मिलकर बहुस्तरीय सुरक्षा तंत्र तैयार करेंगे।

30 जून से खुलेगा भगवती नगर यात्री निवास

श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भगवती नगर यात्री निवास को 30 जून से खोलने का निर्णय लिया गया है। यहां लगभग 2500 यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त आवासीय सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य वर्तमान क्षमता को बढ़ाकर 15 हजार श्रद्धालुओं तक पहुंचाना है।

पंजीकरण और मेडिकल जांच की सुविधा एक ही स्थान पर

इस बार तीर्थयात्रियों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक सरल बनाया गया है। तवी रिवर फ्रंट पर पंजीकरण, मेडिकल जांच, प्रमाण पत्र और अन्य आवश्यक सेवाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे श्रद्धालुओं को अलग-अलग स्थानों पर भटकने की आवश्यकता नहीं होगी और प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सुगम होगी।

3.5 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने कराया पंजीकरण

अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 15 अप्रैल से शुरू हुई थी। अब तक देशभर की निर्धारित बैंक शाखाओं के माध्यम से 3.5 लाख से अधिक श्रद्धालु अपना पंजीकरण करा चुके हैं। यात्रा को लेकर लोगों में उत्साह लगातार बढ़ रहा है और पंजीकरण का आंकड़ा भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।

 

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