एक टेस्ट मैच ने बचा ली प्रज्ञान ओझा की कुर्सी, वरना वसीम जाफर बन सकते थे चीफ सिलेक्टर!
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की राष्ट्रीय पुरुष सीनियर चयन समिति में बड़ा बदलाव हुआ है। पूर्व स्पिनर प्रज्ञान ओझा समिति के चेयरमैन बने रहेंगे, जबकि पूर्व भारतीय स्पिनर रमेश पवार को अजीत अगरकर की जगह वेस्ट जोन से चयन समिति में शामिल किया गया है। ओझा को टेस्ट मैचों की संख्या के आधार पर वरिष्ठता मिली है। दिलचस्प बात यह है कि अगर उन्होंने अपने करियर में एक टेस्ट कम खेला होता, तो शिव सुंदर दास के पास समिति का प्रमुख बनने का मौका हो सकता था।
एक टेस्ट मैच के अंतर से ओझा को मिली वरिष्ठता
बीसीसीआई ने प्रज्ञान ओझा को राष्ट्रीय पुरुष सीनियर चयन समिति का चेयरमैन बनाए रखने की पुष्टि की है। अजीत अगरकर का कार्यकाल 4 अक्टूबर को समाप्त हो गया था, जिसके बाद ओझा अंतरिम प्रमुख की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। 40 वर्षीय ओझा दक्षिण क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि अगरकर पश्चिम क्षेत्र से समिति में शामिल थे।
ओझा ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 24 टेस्ट, 18 वनडे और छह टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं। वहीं, पूर्व भारतीय बल्लेबाज शिव सुंदर दास ने 23 टेस्ट और चार वनडे खेले। दोनों के बीच टेस्ट मैचों की संख्या का यही एक मुकाबले का अंतर ओझा की वरिष्ठता के लिहाज से अहम साबित हुआ। चयन समिति में सबसे ज्यादा टेस्ट खेलने वाले सदस्य को चेयरमैन बनाने की व्यवस्था के तहत ओझा को यह जिम्मेदारी मिली।
रमेश पवार को मिली अगरकर की जगह
बीसीसीआई ने पश्चिम क्षेत्र से अजीत अगरकर की जगह पूर्व भारतीय स्पिनर रमेश पवार को चयन समिति में शामिल किया है। पवार ने भारत के लिए दो टेस्ट और 31 वनडे मुकाबले खेले हैं। समिति में अब प्रज्ञान ओझा, शिव सुंदर दास, रमेश पवार, आरपी सिंह और अजय रात्रा शामिल हैं।
पूर्व तेज गेंदबाज आरपी सिंह ने भारत के लिए 14 टेस्ट, 58 वनडे और 10 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। वह मध्य क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। वहीं, अजय रात्रा ने छह टेस्ट और 12 वनडे खेले हैं तथा वह उत्तर क्षेत्र से आते हैं।
कोचिंग में भी रहा है रमेश पवार का अनुभव
बीसीसीआई ने सोमवार, 19 अक्टूबर को जारी बयान में बताया कि क्रिकेट सलाहकार समिति ने सर्वसम्मति से रमेश पवार के नाम की सिफारिश की थी। इस समिति में पूर्व भारतीय बल्लेबाज अशोक मल्होत्रा और जतिन परांजपे शामिल थे।
पवार भारतीय महिला क्रिकेट टीम के अलावा मुंबई और गुजरात की टीमों के मुख्य कोच रह चुके हैं। उन्होंने बीसीसीआई के उत्कृष्टता केंद्र में गेंदबाजी कोच के तौर पर भी काम किया है। भारतीय महिला टीम के साथ उनके कार्यकाल में टीम ने 2022 में एशिया कप का खिताब जीता था और राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक हासिल किया था।
वसीम जाफर ने भी दिया था इंटरव्यू
पश्चिम क्षेत्र से चयनकर्ता चुनने के लिए 15 अक्टूबर को मुंबई स्थित बीसीसीआई मुख्यालय में चयन प्रक्रिया आयोजित की गई थी। रमेश पवार के अलावा पूर्व भारतीय क्रिकेटर वसीम जाफर, सलिल अंकोला, जैकब मार्टिन और कोनोर विलियम्स ने भी इंटरव्यू दिया था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्रिकेट सलाहकार समिति ने चयन समिति के नेतृत्व में निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से पवार के नाम पर सहमति जताई। यह फैसला 2027 में दक्षिण अफ्रीका में होने वाले वनडे विश्व कप को ध्यान में रखकर भी अहम माना जा रहा है।
वसीम जाफर ने 2000 से 2008 के बीच भारतीय टीम के लिए 31 टेस्ट मैच खेले थे। उन्होंने 34 के औसत से 1,944 रन बनाए, जिसमें पांच शतक शामिल थे। अगर जाफर को पश्चिम क्षेत्र से चयनकर्ता नियुक्त किया जाता, तो टेस्ट मैचों की संख्या के आधार पर वह प्रज्ञान ओझा की जगह चयन समिति के चेयरमैन बन सकते थे।
