मराठी सीखने के विवाद पर CM फडणवीस का बड़ा बयान, बोले- भाषा के आधार पर किसी के साथ अन्याय नहीं होगा
मुंबई: महाराष्ट्र में मराठी सीखने की अनिवार्यता को लेकर चल रहे विवाद के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सरकार का रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि भाषा के आधार पर किसी के साथ अन्याय नहीं किया जाएगा और सरकार किसी की रोजी-रोटी पर आंच नहीं आने देगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र में काम कर रहे उत्तर भारतीय रिक्शा और टैक्सी चालकों के लाइसेंस रद्द नहीं किए जा रहे हैं।
बोलचाल की मराठी सीखने की सरकार की अपेक्षा
देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मराठी सीखने के लिए यदि रिक्शा और टैक्सी चालकों को और समय की जरूरत है तो सरकार समय सीमा बढ़ाने पर भी विचार कर सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार की अपेक्षा केवल इतनी है कि महाराष्ट्र में काम करने वाले लोग बोलचाल की मराठी सीखें। उन्होंने इस पूरे मामले में राजनीति किए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार किसी के साथ अन्याय नहीं होने देगी।
गैर-मराठी चालकों के विरोध पर भी बोले फडणवीस
महाराष्ट्र में गैर-मराठी ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों की ओर से क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय की कार्रवाई का विरोध किए जाने की जानकारी सामने आई थी। कुर्ला में कुछ रिक्शा चालकों ने काम बंद कर आंदोलन भी शुरू किया था। चालकों का आरोप है कि सरकार की कार्रवाई के पीछे राजनीति की जा रही है।
महिला आरक्षण और परिसीमन पर कांग्रेस को घेरा
मुख्यमंत्री फडणवीस ने महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर कांग्रेस और पी. चिदंबरम पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस मुद्दे पर गलत जानकारी दे रही है। फडणवीस ने कहा कि वर्ष 2023 में भी कांग्रेस महिला आरक्षण का विरोध कर रही थी, लेकिन उसे पता था कि सरकार के पास विधेयक पारित कराने के लिए पर्याप्त बहुमत है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी वजह से कांग्रेस ने उस समय विधेयक का समर्थन किया।
2023 के कानून में ही परिसीमन का प्रावधान था
फडणवीस ने कहा कि वर्ष 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून में ही परिसीमन को जोड़ा गया था। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण जनगणना नहीं हो सकी और अब वर्ष 2029 तक नई जनगणना कराना संभव नहीं है। ऐसे में उसके आधार पर परिसीमन करना भी संभव नहीं होगा।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, इसी वजह से सरकार ने बीच का रास्ता सुझाया है। इसके तहत पुरानी जनगणना के आधार पर परिसीमन लागू करने का रास्ता प्रस्तावित किया गया है।
कांग्रेस पर महिलाओं को आरक्षण से दूर रखने का आरोप
देवेंद्र फडणवीस ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह महिलाओं को आरक्षण देने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी भी स्थिति में वर्ष 2029 तक महिलाओं को आरक्षण नहीं देना चाहती। मुख्यमंत्री ने महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर कांग्रेस के रुख को लेकर सवाल उठाए।
