नाम बदलने से नहीं बदलता भाग्य, कर्म और भक्ति ही असली चाबी: प्रेमानंद महाराज का बड़ा संदेश

Premananda-Maharaj

मथुरा। आजकल ज्योतिष और न्यूमरोलॉजी के नाम पर कई लोग नाम या उसकी स्पेलिंग बदलकर किस्मत चमकाने की उम्मीद रखते हैं, लेकिन वृंदावन के प्रसिद्ध संत श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज ने इस धारणा को साफ तौर पर भ्रम बताया है। सत्संग के दौरान एक भक्त के सवाल पर महाराज जी ने कहा कि नाम बदलने से कुछ नहीं होता, भाग्य कर्म और भक्ति से ही बदलता है।

नाम बदलने का भ्रम, सच्चाई कुछ और
प्रेमानंद जी महाराज के अनुसार अगर नाम बदलने से ही जीवन बदल जाता, तो हर व्यक्ति ऐसा करके अमीर बन जाता। नाम या उसकी स्पेलिंग बदलने को लोग सफलता से जोड़ देते हैं, जबकि असल में सफलता पहले किए गए पुण्य कर्मों, मेहनत और भगवान की कृपा का परिणाम होती है। महाराज जी ने कहा कि ऐसे टोटकों में उलझकर समय और धन दोनों की बर्बादी होती है।

भाग्य बदलने का असली रास्ता क्या है
महाराज जी ने स्पष्ट किया कि भाग्य बदलने का एकमात्र मार्ग अच्छे कर्म और सच्ची भक्ति है। सत्य बोलना, दूसरों की मदद करना और ईश्वर का नाम जप करना ही जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाता है। विशेष रूप से उन्होंने राधा नाम जप पर जोर देते हुए कहा कि ‘राधे-राधे’ का जाप मन को शांति देता है और जीवन की दिशा बदल देता है।

टोटकों से बचने की दी चेतावनी
प्रेमानंद जी महाराज ने नाम बदलने, रत्न पहनने और अंगूठी जैसे उपायों को दिखावा बताते हुए कहा कि ऐसे टोटके न तो स्थायी सुख देते हैं और न ही वास्तविक सफलता। अगर कहीं लाभ दिखाई भी देता है, तो वह पूर्व कर्मों का फल होता है, न कि इन उपायों का असर।

भक्ति ही जीवन बदलने की शक्ति
महाराज जी का संदेश साफ है कि जीवन में सुख, शांति और समृद्धि चाहिए तो भक्ति का मार्ग अपनाएं। राधा नाम का स्मरण करें, सत्संग सुनें और सद्कर्म करें। नाम बदलने से नहीं, बल्कि भगवान का नाम लेने से जीवन सचमुच बदलता है।

 

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