मकर संक्रांति पर मातम: कातिल चाइनीज मांझे ने छीनी जान, यूपी से रोजगार की तलाश में आए युवक का कटा गला

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मकर संक्रांति का पर्व जहां खुशियों और पतंगों की उड़ान का प्रतीक माना जाता है, वहीं उत्तर प्रदेश के एक परिवार के लिए यह दिन जिंदगी भर का दर्द छोड़ गया। तेलंगाना के संगारेड्डी जिले के फसालवाड़ी गांव में बुधवार (14 जनवरी, 2026) को प्रतिबंधित चाइनीज मांझे ने 35 वर्षीय प्रवासी मजदूर अविदेश कुमार की जान ले ली। बाइक से बाजार जा रहे अविदेश सड़क पर लटके अदृश्य लेकिन जानलेवा सिंथेटिक धागे की चपेट में आ गए, जिसने पल भर में उनकी जिंदगी छीन ली।

काम की तलाश में आए थे तेलंगाना, एक दिन में बुझ गया घर का चिराग
पुलिस के मुताबिक अविदेश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे और रोजी-रोटी की तलाश में महज एक दिन पहले ही संगारेड्डी पहुंचे थे। बुधवार दोपहर वह फसालवाड़ी से संगारेड्डी बाजार सब्जियां खरीदने के लिए बाइक से निकले थे। इसी दौरान हवा में उड़ती किसी पतंग का कटकर गिरा चाइनीज मांझा सड़क पर फंसा हुआ था। तेज रफ्तार में गुजरते ही यह धारदार धागा उनके गले में उलझ गया और पल भर में गहरी चोट पहुंचा दी।

ज्यादा खून बहने से मौके पर ही बिगड़ी हालत
बाइक की गति और मांझे की मजबूती के कारण अविदेश का गला बुरी तरह कट गया। अत्यधिक रक्तस्राव से वह सड़क पर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत एम्बुलेंस बुलवाई, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

पुलिस जांच में क्या आया सामने
सूचना मिलते ही संगारेड्डी पुलिस मौके पर पहुंची और घटना में इस्तेमाल हुए नीले रंग के सिंथेटिक चाइनीज मांझे को जब्त किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया है। अधिकारियों ने बताया कि तेलंगाना सरकार ने 2016 से ही नायलॉन और सिंथेटिक मांझे पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है, इसके बावजूद चोरी-छिपे इसकी बिक्री और इस्तेमाल जारी है।

क्यों इतना खतरनाक है चाइनीज मांझा
साधारण सूती धागे के मुकाबले चाइनीज मांझा सिंथेटिक मटेरियल से बना होता है, जिस पर कांच और धातु का चूरा चढ़ा होता है। यह इतना मजबूत और धारदार होता है कि टूटने के बजाय इंसानी त्वचा, मांस और यहां तक कि हड्डियों तक को काट देता है। संगारेड्डी और हैदराबाद के आसपास बीते एक हफ्ते में मांझे से घायल होने की यह तीसरी बड़ी घटना है, जिसमें एक पुलिस अधिकारी और एक राहगीर भी घायल हो चुके हैं।

परिवार उजड़ा, लोगों में गुस्सा
अविदेश अपने पीछे पत्नी, एक बेटा और एक बेटी को छोड़ गए हैं, जो अब बेसहारा हो गए हैं। इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों और मानवाधिकार संगठनों ने मांग की है कि सिर्फ प्रतिबंध लगाना काफी नहीं, बल्कि चाइनीज मांझा बेचने और इस्तेमाल करने वालों पर गैर-इरादतन हत्या जैसे सख्त आरोप लगाए जाने चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं पर लगाम लग सके।

 

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