मौनी अमावस्या 2026 की सही तारीख क्या है? 17 या 18 जनवरी, जानिए धार्मिक महत्व, नियम और शुभ संयोग

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नई दिल्ली: मौनी अमावस्या को लेकर हर साल की तरह वर्ष 2026 में भी श्रद्धालुओं के बीच तिथि को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। वजह यह है कि अमावस्या तिथि का आरंभ और समापन देर रात में होता है, जिससे दो अलग-अलग तारीखों के नाम सामने आते हैं। पंचांग के अनुसार माघ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 18 जनवरी की मध्यरात्रि के बाद शुरू होकर अगले दिन तड़के तक रहेगी। उदया तिथि के सिद्धांत के मुताबिक जिस दिन सूर्योदय के समय अमावस्या होती है, वही तिथि पर्व के लिए मान्य होती है। इसी आधार पर वर्ष 2026 में मौनी अमावस्या 18 जनवरी, रविवार को मनाई जाएगी।

मौनी अमावस्या का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व

मौनी अमावस्या को माघ महीने की सबसे पावन और महत्वपूर्ण तिथियों में गिना जाता है। शास्त्रों के अनुसार यह दिन आत्मशुद्धि, संयम और साधना के लिए विशेष फलदायी माना गया है। मान्यता है कि इसी दिन मनु ऋषि का प्रादुर्भाव हुआ था, इसी कारण इसे मौनी अमावस्या कहा जाता है। इस दिन मौन व्रत धारण कर ईश्वर का स्मरण करने से मानसिक और आत्मिक शक्ति की प्राप्ति होती है। प्रयागराज में आयोजित माघ मेले का सबसे प्रमुख स्नान भी इसी दिन होता है, जहां देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु संगम में पुण्य स्नान करते हैं।

मौनी अमावस्या पर क्या करना माना जाता है शुभ

मौनी अमावस्या के दिन प्रातःकाल स्नान कर शुद्धता और संयम का पालन करने की परंपरा है। मान्यता है कि पवित्र नदियों में स्नान करने से मन, शरीर और विचारों की नकारात्मकता दूर होती है। जो लोग नदी स्नान नहीं कर पाते, वे घर पर स्नान कर पूजा-पाठ, जप और ध्यान कर सकते हैं। इस दिन जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या दैनिक उपयोग की वस्तुओं का दान करना विशेष पुण्यकारी माना जाता है। मौन रहकर आत्मचिंतन और ध्यान करने से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है।

मौनी अमावस्या के दिन किन बातों से बचना चाहिए

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह दिन संयम और अनुशासन का प्रतीक है, इसलिए क्रोध, आलस्य, विवाद और कटु वाणी से दूर रहना चाहिए। तामसिक भोजन, नकारात्मक सोच और असत्य बोलने से बचने की परंपरा है। अमावस्या की रात शांत और एकांत वातावरण में रहकर साधना करना श्रेष्ठ माना जाता है, ताकि मन विचलित न हो और ध्यान में एकाग्रता बनी रहे।

2026 में मौनी अमावस्या का विशेष संयोग

साल 2026 में मौनी अमावस्या रविवार के दिन पड़ रही है, जिसे धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जा रहा है। सूर्य से संबंधित दिन पर अमावस्या का संयोग आत्मबल, अनुशासन और आध्यात्मिक चेतना को और अधिक प्रबल करता है। इस दिन श्रद्धा, नियम और मौन के साथ किए गए धार्मिक कर्म मन को स्थिरता और जीवन को संतुलन प्रदान करने वाले माने जाते हैं।

मौनी अमावस्या 2026 में 18 जनवरी, रविवार को मनाई जाएगी। यह दिन बाहरी आडंबर से दूर रहकर मौन, संयम और आत्मचिंतन के माध्यम से आंतरिक शांति प्राप्त करने का अवसर देता है। स्नान, दान और साधना के साथ यह पावन तिथि जीवन में सकारात्मक दिशा और आत्मिक मजबूती का संदेश देती है।

 

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