महराजगंज सड़क हादसा: नेपाल सीमा पर छिपा था ठग, पहचान के लिए साथ गए थे अजीत यादव

accidentgkp_-1771392972812_v

गोरखपुर। गोल्ड ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी के आरोपी अंकुर शर्मा और उसके सहयोगी मुकदमा दर्ज होने के बाद लगातार ठिकाने बदल रहे थे। पुलिस जांच में सामने आया कि अंकुर पिछले एक सप्ताह से नेपाल सीमा से सटे इलाकों में अपनी मौजूदगी बनाए हुए था। सोमवार रात मोबाइल लोकेशन ट्रेस होने के बाद पुलिस टीम पहचान की पुष्टि के लिए ठगी के शिकार अजीत यादव को साथ लेकर दबिश देने निकली थी।

28 जनवरी को दर्ज हुआ था जालसाजी का मुकदमा
रामगढ़ताल थाने में 28 जनवरी 2026 को अजीत यादव सहित 20 निवेशकों की तहरीर पर जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायत में टीआरएक्स ट्रेडिंग गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड के संचालकों पर दो से चार प्रतिशत मासिक मुनाफे का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने का आरोप लगाया गया था। भगत चौराहा स्थित कंपनी का कार्यालय पिछले छह माह से बंद मिला।

नेपाल सीमा से सटे इलाकों में बदलता रहा ठिकाना
मुकदमा दर्ज होने के बाद से अंकुर शर्मा और उसके साथी लगातार अपना ठिकाना बदलते रहे। कभी निचलौल तो कभी नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों में उसकी लोकेशन ट्रेस होती रही। सोमवार रात सूचना मिली कि वह सिंदुरिया इलाके में रुका हुआ है। आरोपित की पहचान सुनिश्चित करने के लिए पीड़ित अजीत यादव को भी पुलिस टीम के साथ ले जाया गया। संभावित ठिकाने पर दबिश के दौरान आरोपी को पकड़ लिया गया।

कुशीनगर और देवरिया से जुड़े हैं आरोपी
टीआरएक्स ट्रेडिंग गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड का कार्यालय देवरिया बाइपास रोड स्थित भगत चौराहा के पास एचडीएफसी बैंक की इमारत में संचालित किया जा रहा था। कंपनी का संचालन कुशीनगर के रामकोला लाला छपरा निवासी अशोक कुमार शर्मा (मैनेजिंग डायरेक्टर), रानी शर्मा (डायरेक्टर), जितेंद्र शर्मा, पारस नाथ शर्मा, अंकुर शर्मा और देवरिया के खेराट बंजारिया निवासी अनिल शर्मा संयुक्त रूप से कर रहे थे।

निश्चित मुनाफे का झांसा देकर कराया निवेश
आरोप है कि कंपनी प्रबंधन ने गोल्ड प्रोडक्ट के क्रय-विक्रय और ट्रेडिंग को पूरी तरह सुरक्षित बताते हुए निवेश पर हर महीने दो से चार प्रतिशत रिटर्न का भरोसा दिया। इस लालच में आकर गोरखपुर, देवरिया और आसपास के जिलों के सैकड़ों लोगों ने अपनी पूंजी लगा दी। शुरुआत में कुछ निवेशकों को लाभ भी मिला, जिससे भरोसा और मजबूत हुआ, लेकिन बाद में कंपनी का कार्यालय बंद कर दिया गया।

इन निवेशकों ने दर्ज कराई शिकायत
ठगी के शिकार पीड़ितों में अजीत यादव के अलावा अरुण कुमार सिंह, चंद्रशेखर राय, संगम पासवान, आनंद द्विवेदी, दिलीप कुमार तिवारी, वृंदावन शर्मा, बृजेश कुमार, विवेक कुमार निषाद, हेमंत कुमार, छन्ने लाल, वीरेंद्र कुमार शर्मा, परमेश्वर कुमार गुप्ता, वीरेंद्र कुमार गुप्ता, इंदु देवी, राम कुमार अग्रवाल, शशि कपूर, राहुल यादव, रामबदन यादव और राजेश कुमार शामिल हैं।

सिर में गंभीर चोट से दारोगा की मौत
हादसे में जान गंवाने वाले दारोगा संतोष कुमार की मौत सिर में गंभीर चोट लगने से हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है। बताया गया कि दुर्घटना के वक्त वह स्कॉर्पियो की बीच वाली सीट पर बैठे थे। गंभीर चोट के साथ अत्यधिक रक्तस्राव मौत का कारण बना। हादसे में घायल वरिष्ठ उप निरीक्षक रमेश चंद कुशवाहा का बायां हाथ फ्रैक्चर हो गया है, जबकि बाएं पैर में हल्की चोट आई है। महिला दारोगा और स्कॉर्पियो चालक के दोनों हाथ फ्रैक्चर बताए गए हैं। वाहन मालिक अजीत यादव के सिर और हाथ में भी चोटें आई हैं।

 

एक नज़र