क्या Paytm को पीछे छोड़ देगा PhonePe का IPO? फिनटेक सेक्टर में बन सकता है नया इतिहास
भारत के फिनटेक सेक्टर में बड़ा घटनाक्रम देखने को मिल सकता है। PhonePe जल्द ही अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी IPO लाने की तैयारी में है, जिसकी संभावित वैल्यूएशन 13 से 15 बिलियन डॉलर के बीच आंकी जा रही है। ग्लोबल ब्रोकरेज Macquarie Equity Research के मुताबिक, यह IPO भारतीय फिनटेक इंडस्ट्री के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है और इसका सीधा असर Paytm के वैल्यूएशन और बाजार स्थिति पर भी पड़ सकता है।
UPI में PhonePe की मजबूत पकड़
UPI ट्रांजैक्शन के मामले में PhonePe इस समय थर्ड पार्टी ऐप्स में 45 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी रखता है। कंपनी के पास 65.7 करोड़ से अधिक रजिस्टर्ड यूजर्स और करीब 4.7 करोड़ मर्चेंट्स जुड़े हुए हैं। UPI वॉल्यूम में PhonePe की हिस्सेदारी करीब 49 से 51 फीसदी के बीच बताई जा रही है, जो इसे Google Pay और Paytm से आगे खड़ा करती है।
रेवेन्यू में बराबरी, मुनाफे में बड़ा अंतर
वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही में PhonePe का रेवेन्यू 3,918 करोड़ रुपये रहा, जो Paytm के 3,981 करोड़ रुपये के लगभग बराबर है। हालांकि, मुनाफे के स्तर पर दोनों कंपनियों में बड़ा फर्क दिखता है। Paytm का EBITDA 216 करोड़ रुपये रहा, जबकि PhonePe को 1,559 करोड़ रुपये का EBITDA घाटा हुआ। इसकी सबसे बड़ी वजह Employee Stock Option यानी ESOP से जुड़ा खर्च है, जो PhonePe के लिए 1,813 करोड़ रुपये रहा और यह उसके कुल राजस्व का लगभग 46 फीसदी है। वहीं Paytm में ESOP खर्च सिर्फ 2 फीसदी के आसपास रहा।
IPO के बाद वैल्यूएशन में बड़ा उछाल संभव
Macquarie के अनुसार, हालिया फंडिंग और IPO के बाद PhonePe की वैल्यूएशन 13 से 15 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है। ब्रोकरेज का कहना है कि PhonePe का IPO राजस्व के 37 से 43 गुना मल्टीपल पर ट्रेड कर सकता है, जबकि Paytm फिलहाल करीब 19 गुना मल्टीपल पर है। FY25 के आधार पर देखें तो PhonePe का रेवेन्यू मल्टीपल 16.6 से 19.1 गुना और Paytm का लगभग 10.5 गुना बताया गया है। इससे आने वाले समय में Paytm के वैल्यूएशन में एडजस्टमेंट की संभावना जताई जा रही है।
फाइनेंशियल सर्विसेज में बढ़ता मुकाबला
PhonePe ने अपने फाइनेंशियल सर्विसेज बिजनेस को तेजी से बढ़ाया है। FY24 में जहां इसका योगदान कुल राजस्व में 4 फीसदी था, वहीं FY26 की पहली छमाही में यह बढ़कर 13 फीसदी तक पहुंच गया है। इसमें लोन, म्यूचुअल फंड और इंश्योरेंस जैसे प्रोडक्ट्स शामिल हैं। दूसरी ओर, Paytm की मुख्य कमाई का करीब 33 फीसदी हिस्सा अभी भी इसी सेगमेंट से आता है, जिससे दोनों कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा और तेज हो गई है और मार्जिन पर दबाव बना हुआ है।
नियामकीय जोखिम भी अहम फैक्टर
PhonePe के लगभग 20 फीसदी राजस्व का स्रोत कुछ सीमित कैटेगरी जैसे क्रेडिट कार्ड रेंट, रियल-मनी गेमिंग और PIDF इंसेंटिव हैं। वहीं, National Payments Corporation of India द्वारा दिसंबर 2026 तक UPI मार्केट शेयर को 30 फीसदी तक सीमित करने का नियम PhonePe की मौजूदा 46 फीसदी हिस्सेदारी पर असर डाल सकता है। इसके अलावा डिजिटल गोल्ड सेल्स पर बढ़ती निगरानी भी कंपनी के मुनाफे को प्रभावित कर सकती है।
Paytm पर Macquarie का क्या कहना है
Macquarie ने Paytm पर न्यूट्रल रेटिंग बनाए रखी है और 12 महीने का टारगेट प्राइस 1,265 रुपये तय किया है। ब्रोकरेज का मानना है कि लोन डिस्बर्समेंट में बढ़ोतरी से Paytm को फायदा मिल सकता है, लेकिन फिनटेक सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और एसेट क्वालिटी से जुड़े जोखिम अभी बने हुए हैं।
