Holashtak 2026: 23 या 24 नहीं, इस दिन से शुरू होगा होलाष्टक, जान लें सही तारीख और नियम
नई दिल्ली। हिंदू पंचांग के अनुसार होली से ठीक आठ दिन पहले शुरू होने वाला काल होलाष्टक कहलाता है। ज्योतिष शास्त्र में इन आठ दिनों को अत्यंत अशुभ माना गया है, क्योंकि इस दौरान शुभ और मांगलिक कार्यों पर पूरी तरह रोक रहती है। हर साल की तरह 2026 में भी होलाष्टक को लेकर लोगों में तारीख को लेकर भ्रम बना हुआ है। ऐसे में यहां हम आपको होलाष्टक 2026 की सही शुरुआत, समापन और इससे जुड़े जरूरी नियमों की पूरी जानकारी दे रहे हैं।
होलाष्टक 2026 की सही तिथि और अवधि
होलाष्टक फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से प्रारंभ होकर पूर्णिमा तक रहता है। हिंदू पंचांग के मुताबिक साल 2026 में होलाष्टक की शुरुआत 24 फरवरी से होगी। वहीं, इसका समापन 3 मार्च 2026 को फाल्गुन पूर्णिमा के दिन होगा। यानी इन आठ दिनों तक कोई भी मांगलिक कार्य करना वर्जित माना जाएगा।
होलाष्टक को अशुभ क्यों माना जाता है
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इन्हीं आठ दिनों में राक्षस हिरण्यकश्यप ने अपने पुत्र प्रह्लाद को भगवान विष्णु की भक्ति से हटाने के लिए अत्यधिक कष्ट दिए थे। अष्टमी से पूर्णिमा तक प्रह्लाद ने मृत्यु के समान पीड़ा झेली थी, इसी कारण इस अवधि को शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भी इन आठ दिनों में सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि और राहु उग्र अवस्था में रहते हैं, जिसका नकारात्मक प्रभाव मनुष्य के जीवन पर पड़ सकता है। इसलिए इस समय किसी भी प्रकार का शुभ कार्य करने से परहेज करने की सलाह दी जाती है।
होलाष्टक में किन कामों से करें परहेज
होलाष्टक के दौरान विवाह, सगाई, मुंडन और उपनयन संस्कार जैसे सभी मांगलिक कार्य नहीं करने चाहिए।
इस अवधि में नया व्यापार या कारोबार शुरू करने से आर्थिक नुकसान होने की आशंका मानी जाती है।
नए घर में गृह प्रवेश करना भी अशुभ माना गया है।
इसके अलावा नई गाड़ी, सोना, चांदी या जमीन की खरीदारी से भी इन दिनों दूरी बनाकर रखने की परंपरा है।
होलाष्टक में क्या करना होता है शुभ
होलाष्टक का समय पूजा-पाठ, साधना और आत्मिक शुद्धि के लिए अत्यंत उत्तम माना गया है।
इन दिनों किया गया दान, जप और तप अक्षय फल देने वाला माना जाता है।
इस अवधि में ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप विशेष रूप से शुभ फल प्रदान करता है और मानसिक शांति देता है।
