ट्रंप को सुप्रीम कोर्ट से झटका: टैरिफ रद्द, क्या भारत को मिलेगा बड़ा फायदा? जानें फैसले का व्यापार पर असर
नई दिल्ली: अमेरिका की राजनीति और वैश्विक व्यापार जगत में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump को मध्यावधि चुनावों से पहले सुप्रीम कोर्ट से करारा झटका लगा है। अदालत ने राष्ट्रीय आपातकाल से जुड़े कानून के तहत लगाए गए बड़े पैमाने के टैरिफ को नामंजूर कर दिया है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट कहा कि राष्ट्रपति के पास इस प्रकार एकतरफा टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं है। इस फैसले के बाद भारत समेत कई देशों के लिए नए अवसर खुलने की संभावना जताई जा रही है।
अचानक टैरिफ का खतरा टला, भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राष्ट्रपति द्वारा आईईईपीए (IEEPA) कानून के तहत मनमाने ढंग से टैरिफ लगाने पर रोक लग गई है। इससे भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत मिली है। इंजीनियरिंग सामान, ऑटो पार्ट्स, रसायन, वस्त्र और आभूषण जैसे क्षेत्रों को अचानक लगाए गए टैरिफ से नुकसान झेलना पड़ रहा था। अब व्यापारिक अनिश्चितता कम होने की उम्मीद है, जिससे निर्यातकों को दीर्घकालिक योजना बनाने में सहूलियत मिलेगी। माना जा रहा है कि इस फैसले से भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में स्थिरता आ सकती है।
कांग्रेस की भूमिका मजबूत, भारत को बातचीत का बेहतर मौका
अदालत के 20 फरवरी के फैसले में कहा गया कि टैरिफ लगाने के लिए राष्ट्रपति को कांग्रेस की मंजूरी आवश्यक थी। इसके साथ ही अमेरिका की टैरिफ नीति दोबारा कांग्रेस की निगरानी वाले कानूनी ढांचे में लौट आई है। अब किसी भी नए टैरिफ से पहले जांच, नियमों का पालन और विस्तृत चर्चा जरूरी होगी। विशेषज्ञों के अनुसार, इससे भारत को व्यवस्थित और समयबद्ध वार्ता का अवसर मिलेगा। उत्पाद-विशेष छूट और रियायतों पर बातचीत आसान हो सकती है। साथ ही संभावना जताई जा रही है कि जिन निर्यातकों ने पहले टैरिफ के रूप में भुगतान किया है, उन्हें रिफंड भी मिल सकता है, हालांकि इसके क्रियान्वयन पर अभी नजरें टिकी हैं।
स्टील और एल्युमीनियम पर टैरिफ यथावत
हालांकि यह फैसला ट्रेड एक्सपैंशन एक्ट 1962 के सेक्शन 232 के तहत लगाए गए टैरिफ पर लागू नहीं होगा। यानी स्टील, एल्युमीनियम और कुछ ऑटोमोबाइल उत्पादों पर लगे शुल्क पहले की तरह जारी रहेंगे। अमेरिका भारत के प्रमुख व्यापार साझेदारों में शामिल है, इसलिए यह फैसला भारत के लिए रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत के प्रति रुख में बदलाव दिखाते हुए टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत करने का निर्णय लिया था और भारत के साथ एक अंतरिम व्यापार समझौते की घोषणा भी की थी, जिस पर मार्च में हस्ताक्षर की उम्मीद जताई गई थी।
चीन, कनाडा और मैक्सिको को भी मिलेगा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से China, Canada और Mexico जैसे देशों को भी राहत मिलेगी, जिन पर भारी टैरिफ लगाए गए थे। अदालत के फैसले ने कांग्रेस की संवैधानिक भूमिका को मजबूत किया है और एकतरफा फैसलों पर अंकुश लगाया है। इससे वैश्विक सप्लाई चेन में बदलाव की संभावना बढ़ेगी। कंपनियां जोखिम वाले बाजारों से हटकर भारत जैसे स्थिर विकल्पों की ओर रुख कर सकती हैं, जिससे भारतीय विनिर्माण और निर्यात को बढ़ावा मिल सकता है।
