मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के बीच अमेरिका की अपने नागरिकों को चेतावनी, तुरंत क्षेत्र छोड़ने की सलाह; कभी भी रद्द हो सकती हैं उड़ानें

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पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अमेरिका ने खाड़ी देशों में रह रहे अपने नागरिकों के लिए नई यात्रा सलाह जारी की है। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि फिलहाल व्यावसायिक उड़ानों के जरिए क्षेत्र से बाहर निकलना संभव है, लेकिन हालात तेजी से बदल रहे हैं और किसी भी समय उड़ानें रद्द की जा सकती हैं। अधिकारियों ने नागरिकों से कहा है कि वे जल्द से जल्द सुरक्षित तरीके से क्षेत्र छोड़ने की योजना बनाएं।

अभी उपलब्ध हैं उड़ानें, लेकिन स्थिति बेहद अनिश्चित

जारी यात्रा सलाह के मुताबिक अबू धाबी और दुबई से अमेरिका तथा यूरोप के कई शहरों के लिए अभी भी व्यावसायिक उड़ानों में सीटें उपलब्ध हैं। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने साफ किया है कि सुरक्षा हालात के कारण उड़ानों का शेड्यूल बहुत कम समय के नोटिस पर बदला जा सकता है। ऐसे में यात्रियों को अचानक रद्द होने या देरी जैसी स्थितियों के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

सऊदी अरब में अमेरिकी कर्मचारियों को घरों में रहने का आदेश

अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी बताया कि संयुक्त अरब अमीरात की स्थलीय सीमाएं सऊदी अरब और ओमान के साथ खुली हुई हैं और इन देशों से भी व्यावसायिक उड़ानें संचालित हो रही हैं। इसके बावजूद नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने सऊदी अरब में तैनात अपने सरकारी कर्मचारियों को “शेल्टर इन प्लेस” यानी घरों के अंदर सुरक्षित रहने का निर्देश दिया है। कर्मचारियों को कहा गया है कि वे घर या सुरक्षित इमारतों में ही रहें, खिड़कियों से दूर रहें और अनावश्यक बाहर निकलने से बचें।

ड्रोन और मिसाइल खतरे के बीच एयरपोर्ट संचालन प्रभावित

अमेरिकी दूतावास के मुताबिक रियाद, जेद्दा और दम्माम के हवाई अड्डे फिलहाल खुले हुए हैं, लेकिन लगातार ड्रोन और मिसाइल हमलों के खतरे के कारण हवाई यातायात पर समय-समय पर प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं। इसके चलते उड़ानों में देरी और रद्द होने की घटनाएं बढ़ सकती हैं।

दुबई एयरपोर्ट के पास ड्रोन घटना से बढ़ी चिंता

इससे पहले दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास ड्रोन से जुड़ी एक घटना सामने आई थी, जिसके बाद कुछ समय के लिए उड़ानें रोक दी गई थीं। बाद में अधिकारियों ने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया और स्थिति सामान्य कर दी गई। 28 फरवरी से शुरू हुए संघर्ष में अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर हमलों के बाद पूरे पश्चिम एशिया में तनाव तेजी से बढ़ गया है। इसके कारण खाड़ी देशों की सुरक्षा स्थिति और हवाई यातायात दोनों पर असर पड़ रहा है।

 

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