1 जून से बदले कई बड़े नियम, UPI पेमेंट से लेकर PAN और ATM लेनदेन तक का असर सीधे आपकी जेब पर
नई दिल्ली: जून महीने की शुरुआत के साथ ही आम लोगों से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव लागू हो गए हैं। UPI भुगतान, पैन कार्ड, एटीएम लेनदेन और बैंकिंग सेवाओं से जुड़े नए नियम आज से प्रभावी हो गए हैं। इन बदलावों का असर करोड़ों उपभोक्ताओं की रोजमर्रा की वित्तीय गतिविधियों पर पड़ने वाला है।
UPI पेमेंट में बढ़ी सुरक्षा, अब दिखेगा असली नाम
डिजिटल भुगतान को और सुरक्षित बनाने के लिए नया सुरक्षा फीचर लागू किया गया है। अब किसी भी UPI भुगतान से पहले लाभार्थी का बैंक में दर्ज सत्यापित नाम दिखाई देगा। इससे पहले कई बार मोबाइल नंबर, क्यूआर कोड या कस्टम नाम दिखने के कारण लोगों को भ्रम होता था और गलत खाते में पैसे ट्रांसफर होने की घटनाएं सामने आती थीं।
नए नियम के तहत अब भुगतान करते समय उसी व्यक्ति या व्यापारी का वास्तविक और बैंक में पंजीकृत नाम स्क्रीन पर दिखाई देगा, जिससे धोखाधड़ी और गलत ट्रांजेक्शन की संभावना कम होगी।
₹50,000 से अधिक नकद जमा पर PAN की अनिवार्यता खत्म
पैन कार्ड से जुड़े नियमों में भी महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब एक दिन में 50,000 रुपये से अधिक नकद जमा करने पर पैन कार्ड देना अनिवार्य नहीं रहेगा। इससे बैंकिंग प्रक्रिया पहले के मुकाबले अधिक आसान हो सकती है।
हालांकि, बड़ी वित्तीय गतिविधियों पर निगरानी बनाए रखने के लिए अन्य नियम लागू रहेंगे। वर्षभर में 10 लाख रुपये से अधिक नकद निकासी की स्थिति में पैन रिपोर्टिंग की व्यवस्था जारी रहेगी।
प्रॉपर्टी खरीद-बिक्री में बढ़ाई गई सीमा
रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े लेनदेन में भी बदलाव किया गया है। अब संपत्ति की खरीद या बिक्री के मामलों में पैन कार्ड की अनिवार्य सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी गई है। इससे मध्यम स्तर के कई संपत्ति सौदों में दस्तावेजी प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है।
ATM लेनदेन महंगे पड़ सकते हैं
कई बैंकों ने एटीएम सेवाओं से जुड़े शुल्क ढांचे में बदलाव लागू किए हैं। मुफ्त मासिक लेनदेन की निर्धारित सीमा पूरी होने के बाद ग्राहकों को अधिक शुल्क देना पड़ सकता है। यह शुल्क केवल नकद निकासी पर ही नहीं, बल्कि बैलेंस चेक करने और मिनी स्टेटमेंट निकालने जैसी सेवाओं पर भी लागू हो सकता है।
बैंक ग्राहकों को सलाह दी जा रही है कि वे अपनी मुफ्त ट्रांजेक्शन सीमा का ध्यान रखें, ताकि अतिरिक्त शुल्क से बचा जा सके।
बैंकिंग सेवाओं में भी बदलाव
कई वाणिज्यिक बैंकों ने अपनी सेवा शुल्क संरचना को भी अपडेट किया है। विशेष रूप से नकद प्रबंधन सेवाओं और गैर-घरेलू शाखाओं से जुड़ी सुविधाओं पर नए शुल्क लागू किए जा सकते हैं। ऐसे में ग्राहकों को बैंक की नवीनतम शुल्क सूची की जानकारी रखना जरूरी होगा।
आम आदमी पर क्या होगा असर?
विशेषज्ञों के अनुसार, UPI में लागू नया सुरक्षा फीचर डिजिटल भुगतान को अधिक सुरक्षित बनाएगा। वहीं, PAN से जुड़े नियमों में ढील कुछ मामलों में राहत दे सकती है। दूसरी ओर ATM और बैंकिंग सेवाओं पर बढ़ने वाले शुल्क का असर सीधे ग्राहकों की जेब पर पड़ सकता है। ऐसे में वित्तीय लेनदेन करते समय नए नियमों की जानकारी रखना पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है।
