बंगाल में ममता का सबसे बड़ा संगठनात्मक एक्शन: सभी कमेटियां और 16 फ्रंटल संगठन भंग, पार्टी में शुरू होगा व्यापक पुनर्गठन

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कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर बढ़ते असंतोष और बगावत की खबरों के बीच पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने बड़ा संगठनात्मक फैसला लिया है। तृणमूल कांग्रेस ने राज्य में अपनी सभी प्रमुख कमेटियों और 16 फ्रंटल संगठनों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। पार्टी का कहना है कि अब संगठन का व्यापक पुनर्गठन किया जाएगा और सभी स्तरों पर समीक्षा एवं आत्ममंथन की प्रक्रिया शुरू होगी।

पार्टी के आधिकारिक बयान के अनुसार, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की सभी कमेटियां और उससे जुड़े सभी अनुषांगिक संगठन तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिए गए हैं। इसके साथ ही संगठन की नई संरचना तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

चुनावी हार के बाद बढ़ा था आंतरिक असंतोष

विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद से ही पार्टी के भीतर असंतोष की खबरें लगातार सामने आ रही थीं। कई नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच मतभेद खुलकर सामने आने लगे थे। इसी बीच पार्टी से बाहर किए गए कुछ बागी नेताओं द्वारा बड़ी संख्या में विधायकों के समर्थन का दावा किए जाने से राजनीतिक हलचल और तेज हो गई।

सूत्रों के अनुसार, संगठन के कुछ स्तरों पर शीर्ष नेतृत्व के फैसलों को लेकर असहमति भी देखने को मिल रही थी। ऐसे में पार्टी नेतृत्व ने संगठनात्मक अनुशासन मजबूत करने और आंतरिक स्थिति का आकलन करने के लिए यह बड़ा कदम उठाया है।

16 फ्रंटल संगठनों पर भी गिरी गाज

तृणमूल कांग्रेस के विभिन्न फ्रंटल संगठन युवाओं, महिलाओं, छात्रों, किसानों, मजदूरों और समाज के अन्य वर्गों के बीच पार्टी की गतिविधियों को संचालित करते हैं। संगठनात्मक ढांचे में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।

लेकिन चुनावी झटके के बाद इन संगठनों में भी गुटबाजी और मतभेद की चर्चाएं सामने आ रही थीं। ऐसे में पार्टी नेतृत्व ने सभी फ्रंटल संगठनों को भंग कर नए सिरे से संगठन खड़ा करने का फैसला लिया है।

कोर कमेटी से लेकर जिला इकाइयों तक सब खत्म

ममता बनर्जी के इस फैसले का असर केवल फ्रंटल संगठनों तक सीमित नहीं रहा। पार्टी की कोर कमेटी, राज्य कमेटी, जिला इकाइयों, ब्लॉक स्तर की समितियों और अनुशासन समिति सहित लगभग पूरा संगठनात्मक ढांचा भंग कर दिया गया है।

पार्टी नेतृत्व का कहना है कि अब संगठन के हर स्तर पर कार्यप्रणाली, चुनावी प्रदर्शन और भविष्य की रणनीति को लेकर व्यापक समीक्षा की जाएगी। समीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद नई टीमों और नई संगठनात्मक संरचना का ऐलान किया जाएगा।

आत्ममंथन के बाद बनेगी नई रणनीति

तृणमूल कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा भविष्य की राजनीतिक चुनौतियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से लिया गया है। पार्टी का मानना है कि पुनर्गठन की प्रक्रिया के जरिए संगठन को नए सिरे से खड़ा किया जाएगा और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा।

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, विधानसभा चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी का यह अब तक का सबसे बड़ा संगठनात्मक कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में पार्टी के नए ढांचे और नेतृत्व को लेकर महत्वपूर्ण घोषणाएं हो सकती हैं।

 

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