महिलाओं की सेहत पर बड़ा अलर्ट: बिना वजह थकान और इन संकेतों को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
नई दिल्ली: अगर आप भी अक्सर बिना किसी खास वजह के थकान महसूस करती हैं, सिर भारी रहता है या शरीर में लगातार दर्द बना रहता है, तो इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज करना आपकी सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे लक्षण सिर्फ तनाव या नींद की कमी ही नहीं, बल्कि एनीमिया, थायरॉइड या पोषण की कमी जैसी गंभीर समस्याओं का संकेत भी हो सकते हैं।
छोटे लक्षणों से शुरू होती हैं बड़ी बीमारियां
विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर पहले ही संकेत देना शुरू कर देता है, लेकिन लोग अक्सर इन्हें मामूली समझकर टाल देते हैं। थकान को आमतौर पर काम का दबाव या आराम की कमी मान लिया जाता है, जबकि यह शरीर में अंदरूनी असंतुलन का संकेत हो सकता है। रिपोर्टों के मुताबिक महिलाओं में क्रोनिक थकान, सिरदर्द और जोड़ों के दर्द जैसी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं।
एनीमिया और पोषण की कमी सबसे बड़ी वजह
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार भारत में 15 से 49 वर्ष की करीब 57 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्भावस्था के दौरान यह स्थिति और गंभीर हो जाती है, जिससे मां और बच्चे दोनों की सेहत पर असर पड़ता है। इसके अलावा मोटापा और पोषण की कमी भी महिलाओं की सेहत को प्रभावित कर रही है।
मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा असर
द लैंसेट की रिपोर्ट के अनुसार भारत में एंग्जाइटी से जुड़े मामलों में 1990 के बाद 123 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसिक तनाव केवल दिमाग तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह नींद, हार्मोन, दिल और पूरे शरीर की कार्यप्रणाली को प्रभावित करता है। कई मामलों में यह लंबे समय तक चलने वाली गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।
महिलाओं में बढ़ रही प्रमुख स्वास्थ्य समस्याएं
रिपोर्ट के मुताबिक महिलाओं में लोअर बैक पेन यानी कमर दर्द, सिरदर्द, डिप्रेशन, एंग्जाइटी और मांसपेशियों से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बैठे रहना, गलत खानपान और शारीरिक गतिविधि की कमी इसके प्रमुख कारण हैं।
जीवनशैली में बदलाव है सबसे जरूरी उपाय
स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि महिलाओं को अपनी दिनचर्या में नियमित व्यायाम शामिल करना चाहिए। पैदल चलना, हल्की एक्सरसाइज और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से न सिर्फ शरीर मजबूत होता है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य में भी सुधार आता है। साथ ही जंक फूड से दूरी और संतुलित आहार लेना बेहद जरूरी है।
नींद और खानपान पर विशेष ध्यान जरूरी
विशेषज्ञों के अनुसार पर्याप्त नींद महिलाओं की सेहत के लिए बेहद जरूरी है। देर रात तक मोबाइल और स्क्रीन का इस्तेमाल कम करना चाहिए और सोने से पहले गैजेट्स से दूरी बनानी चाहिए। आहार में हरी सब्जियां, फल, दालें, नट्स और साबुत अनाज शामिल करने की सलाह दी जाती है।
उम्र बढ़ने के साथ बढ़ती चुनौतियां
विशेषज्ञों का कहना है कि 40 वर्ष की उम्र के बाद महिलाओं में एस्ट्रोजन हार्मोन की कमी होने लगती है, जिससे हड्डियों की कमजोरी, हृदय रोग और अन्य क्रॉनिक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में जीवनशैली में सुधार और नियमित व्यायाम बेहद जरूरी हो जाता है।
