10 साल तक नहीं बढ़ेगा सर्विसिंग का खर्च! मारुति का बड़ा दांव, एक प्लान में महंगाई से मिलेगी राहत
नई दिल्ली: बढ़ती महंगाई और वाहन रखरखाव पर बढ़ते खर्च के बीच कार मालिकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मारुति सुजुकी ने अपने ग्राहकों के लिए नया स्मार्ट मेंटेनेंस प्लान लॉन्च किया है। कंपनी का दावा है कि इस योजना के जरिए ग्राहक भविष्य में बढ़ने वाले सर्विसिंग खर्च से बच सकेंगे और वाहन रखरखाव का बजट पहले से तय कर पाएंगे।
यह योजना एक प्रीपेड आफ्टर-सेल्स सर्विस प्रोग्राम के रूप में पेश की गई है। इसके तहत ग्राहक पहले ही सर्विसिंग पैकेज खरीदकर अपनी मेंटेनेंस लागत को लॉक कर सकते हैं। इससे भविष्य में सर्विसिंग या स्पेयर पार्ट्स की कीमतों में बढ़ोतरी होने पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।
क्या है स्मार्ट मेंटेनेंस प्लान?
कंपनी के अनुसार ग्राहकों को अपनी आवश्यकता के अनुसार अलग-अलग सर्विस पैकेज चुनने की सुविधा मिलेगी। इसमें केवल श्रम शुल्क को कवर करने वाले विकल्प से लेकर श्रम शुल्क और पुर्जों दोनों को शामिल करने वाले पैकेज उपलब्ध हैं। इसके अलावा इंजन ऑयल, कूलेंट, नियमित सर्विसिंग और जरूरत के अनुसार कुछ अतिरिक्त रखरखाव कार्यों को भी योजना में शामिल किया जा सकता है।
इस योजना का लाभ निजी और व्यावसायिक दोनों प्रकार के वाहन मालिक उठा सकेंगे।
सर्विसिंग खर्च में होगी सीधी बचत
मारुति सुजुकी का कहना है कि स्मार्ट मेंटेनेंस प्लान लेने वाले ग्राहकों को श्रम शुल्क पर कम से कम 10 प्रतिशत तक की बचत मिलेगी। इसके साथ ही वाहन रखरखाव से जुड़े अन्य खर्चों पर भी राहत मिलने की संभावना है।
प्रीपेड मॉडल होने के कारण ग्राहक जिस दर पर आज योजना खरीदेंगे, भविष्य में कीमतें बढ़ने के बावजूद उसी लागत पर सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। ऐसे में लंबे समय के लिए यह योजना आर्थिक रूप से फायदेमंद साबित हो सकती है।
10 साल तक मिलेगी कवरेज
कंपनी ने ग्राहकों की अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई विकल्प उपलब्ध कराए हैं। निजी वाहन मालिक 2 वर्ष या 20 हजार किलोमीटर से लेकर 10 वर्ष या 1 लाख किलोमीटर तक की कवरेज वाला प्लान चुन सकते हैं।
वहीं व्यावसायिक वाहनों के लिए 10 वर्ष या 1.60 लाख किलोमीटर तक की कवरेज का विकल्प दिया गया है। खास बात यह है कि इस योजना का उपयोग देशभर में किसी भी अधिकृत मारुति सुजुकी वर्कशॉप पर किया जा सकेगा।
कंपनी ने क्या कहा?
कंपनी प्रबंधन के अनुसार इस पहल का उद्देश्य ग्राहकों को अधिक सुविधा, भरोसा और दीर्घकालिक आर्थिक लाभ उपलब्ध कराना है। कंपनी का कहना है कि ग्राहक अब अपनी जरूरत के अनुसार सर्विस पैकेज चुन सकते हैं और भविष्य में बढ़ने वाली मेंटेनेंस लागत की चिंता से मुक्त रह सकते हैं।
ऑटोमोबाइल क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि यह कदम वाहन मालिकों के रखरखाव खर्च को नियंत्रित करने के साथ-साथ कार स्वामित्व को अधिक किफायती बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
