‘कसम खाकर भी गए तो नहीं छोड़ेंगे’, बगावत की अटकलों के बीच संजय राउत का सांसदों को सख्त संदेश

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नई दिल्ली: शिवसेना (यूबीटी) में संभावित टूट की चर्चाओं के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बागी रुख अपनाने वाले सांसदों को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी सांसदों से बातचीत हुई है और उन्होंने विभिन्न धार्मिक व पारिवारिक शपथ लेकर साथ रहने का भरोसा दिया है। इसके बावजूद यदि कोई पार्टी से दगा करता है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।

‘ऑपरेशन टाइगर’ का किया जिक्र

दिल्ली स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए संजय राउत ने कहा कि यह “ऑपरेशन टाइगर” है। उन्होंने बताया कि उनके साथ पार्टी के लोकसभा नेता, मुख्य सचेतक और एक अन्य सांसद मौजूद हैं। राउत ने दावा किया कि पार्टी के सभी सांसद संपर्क में हैं और संगठन पूरी तरह एकजुट है।

धनुष-बाण के मुद्दे पर भी बोले राउत

संजय राउत ने कहा कि धनुष-बाण का चुनाव चिह्न शिवसेना और उद्धव ठाकरे का था। इस मुद्दे को लेकर पार्टी सर्वोच्च न्यायालय तक गई थी। उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी की पहचान और विचारधारा से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

बागी सांसदों को दी खुली चेतावनी

राउत ने कहा कि कुछ सांसदों ने साईं बाबा, मां भवानी, अपनी मां और परिवार की शपथ लेकर पार्टी के साथ बने रहने का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि यदि इसके बाद भी कोई पार्टी छोड़ने का फैसला करता है तो उसके खिलाफ सख्त राजनीतिक रुख अपनाया जाएगा।

‘जाना है तो इस्तीफा देकर जाएं’

प्रेस वार्ता के दौरान राउत ने स्पष्ट कहा कि जो लोग पार्टी छोड़ना चाहते हैं, वे पहले इस्तीफा दें और फिर अपना रास्ता चुनें। उन्होंने दोहराया कि फिलहाल वह मानते हैं कि सभी सांसद पार्टी के साथ हैं।

टूट की अटकलों से गरमाया था महाराष्ट्र का सियासी माहौल

पिछले कुछ दिनों से शिवसेना (यूबीटी) में संभावित बगावत को लेकर चर्चाएं तेज थीं। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा थी कि कुछ सांसद दूसरे गुट के संपर्क में हैं। हालांकि बुधवार को कई सांसदों ने सार्वजनिक रूप से ऐसी अटकलों को खारिज कर दिया, जिसके बाद तत्काल टूट की संभावना कमजोर पड़ती दिखाई दी।

दलबदल के लिए जरूरी है पर्याप्त समर्थन

लोकसभा में पार्टी के कुल नौ सांसद हैं। नियमों के तहत किसी भी समूह को दलबदल संबंधी प्रावधानों से बचने के लिए आवश्यक संख्या में सांसदों का समर्थन जुटाना होगा। इसी बीच पार्टी नेतृत्व द्वारा बुलाई गई एक अहम बैठक में सभी सांसदों की अनुपस्थिति ने अटकलों को और हवा दी थी।

फिलहाल नहीं दिख रही तत्काल टूट की स्थिति

राजनीतिक हलकों में दिनभर कई तरह की चर्चाएं चलती रहीं, लेकिन देर तक न तो किसी औपचारिक दावे की पुष्टि हुई और न ही किसी बड़े कदम की घोषणा सामने आई। मौजूदा परिस्थितियों में शिवसेना (यूबीटी) में तत्काल किसी बड़े विभाजन के संकेत स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रहे हैं।

 

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