नागपुर को रक्षा क्षेत्र की बड़ी सौगात! आज 10 हजार टन क्षमता वाली एल्युमिनियम प्रेस की रखी जाएगी आधारशिला
नागपुर: देश के रक्षा विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जाएगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह नागपुर स्थित सरकारी कंपनी यंत्र इंडिया लिमिटेड (वाईआईएल) की आयुध फैक्ट्री में 10 हजार टन क्षमता वाली अत्याधुनिक एल्युमिनियम एक्सट्रूजन प्रेस परियोजना का भूमि पूजन करेंगे। इस परियोजना को रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित एल्युमिनियम एक्सट्रूजन प्रेस देश में महत्वपूर्ण एल्युमिनियम घटकों के उत्पादन की क्षमता को नई मजबूती देगी। इसके जरिए उन उत्पादों के आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी, जिन्हें अब तक विदेशों से मंगाना पड़ता था।
क्या है एल्युमिनियम एक्सट्रूजन प्रेस?
एल्युमिनियम एक्सट्रूजन प्रेस एक विशेष प्रकार की औद्योगिक मशीन होती है, जिसमें गर्म एल्युमिनियम को पूर्व निर्धारित सांचे से गुजारकर विभिन्न आकारों और संरचनाओं में ढाला जाता है। इस तकनीक के माध्यम से बड़े, मजबूत और उच्च सटीकता वाले एल्युमिनियम मिश्र धातु घटकों का निर्माण किया जाता है, जिनका उपयोग रक्षा और एयरोस्पेस उद्योगों में व्यापक रूप से होता है।
रक्षा उत्पादन को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
अधिकारियों का कहना है कि यह परियोजना देश की रक्षा उत्पादन क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ रणनीतिक आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा देगी। प्रस्तावित प्रेस को रक्षा विनिर्माण क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संपत्ति के रूप में देखा जा रहा है, जो भविष्य की रक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगी।
इस परियोजना के शुरू होने के बाद देश में बड़े आकार और उच्च गुणवत्ता वाले एल्युमिनियम एक्सट्रूज़न के निर्माण की क्षमता बढ़ेगी, जिससे रक्षा उपकरणों और एयरोस्पेस प्रणालियों के लिए आवश्यक पुर्जों का स्वदेशी उत्पादन संभव हो सकेगा।
‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को मिलेगी मजबूती
यह परियोजना केंद्र सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ विजन के अनुरूप स्वदेशी विनिर्माण को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। सरकार का उद्देश्य रक्षा क्षेत्र में विदेशी निर्भरता कम कर घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना है।
भूमि पूजन कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और रक्षा उत्पादन विभाग के सचिव संजीव कुमार भी शामिल होंगे। इस दौरान रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादन और भविष्य की योजनाओं को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा होने की संभावना है।
