‘सेवा तीर्थ’ में पीएम मोदी की बड़ी बैठक, सभी मंत्रालयों के सचिवों को दिया स्पष्ट संदेश, 2047 के विजन पर हुआ मंथन

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ‘सेवा तीर्थ’ में भारत सरकार के सभी मंत्रालयों और विभागों के सचिवों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य सुशासन की गति को और तेज करना, आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती देना तथा नागरिकों तक सरकारी योजनाओं और सेवाओं का प्रभावी लाभ पहुंचाने के लिए मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना रहा।

बैठक के दौरान विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के सचिवों ने अपनी प्रमुख योजनाओं और पहलों की प्रगति से प्रधानमंत्री को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि सरकार के विजन को ठोस और मापनीय परिणामों में बदलने के लिए किस प्रकार के कदम उठाए जा रहे हैं। इसके साथ ही विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी चुनौतियों, सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार और भविष्य की कार्ययोजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

सचिवों को समन्वय बढ़ाने का निर्देश

बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने विभागीय सीमाओं से ऊपर उठकर कार्य करने और विभिन्न मंत्रालयों के बीच तालमेल मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और बेहतर समन्वय के लिए गतिशक्ति मंच का व्यापक उपयोग किया जाए। इससे विभिन्न विभागों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान और साक्ष्य आधारित निर्णय प्रक्रिया अधिक मजबूत होगी।

प्रधानमंत्री ने सचिवों से यह भी कहा कि वे सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के वास्तविक प्रभाव पर लगातार नजर रखें। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि योजनाओं की सफलता का आकलन केवल आंकड़ों से नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों से किया जाना चाहिए।

जनकल्याण को केंद्र में रखने पर जोर

पीएम मोदी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नीति निर्माण और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में आम नागरिकों की जरूरतों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि शासन का अंतिम उद्देश्य लोगों के दैनिक जीवन को बेहतर बनाना और सरकारी सुविधाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना होना चाहिए।

बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता कैसे बढ़ाई जाए और शासन व्यवस्था को अधिक जवाबदेह, प्रभावी तथा परिणामोन्मुख बनाया जाए।

विकसित भारत 2047 के लक्ष्य पर विशेष फोकस

प्रधानमंत्री ने बैठक के दौरान केंद्र सरकार के दीर्घकालिक सुधार एजेंडे पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। यह वह वर्ष होगा जब देश आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा।

पीएम मोदी ने दोहराया कि इस लक्ष्य को हासिल करने में आने वाला दशक बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने प्रशासनिक सुधारों को गति देने, अर्थव्यवस्था को और सशक्त बनाने तथा नागरिकों के लिए बेहतर अवसर सृजित करने के उद्देश्य से सभी क्षेत्रों में निरंतर सुधार की आवश्यकता पर बल दिया।

 

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