क्या आपके बच्चे की कम नींद बन रही है दिमाग और सेहत की दुश्मन? एक्सपर्ट ने बताया हर उम्र के लिए कितनी नींद है जरूरी

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कानपुर: बदलती जीवनशैली का असर अब केवल बड़ों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बच्चों की नींद की दिनचर्या भी तेजी से प्रभावित हो रही है। पर्याप्त नींद न मिलने की वजह से बच्चों में कई शारीरिक और मानसिक समस्याएं सामने आ रही हैं। कानपुर स्थित अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल के वरिष्ठ न्यूरोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. ज़ुबैर सरकार का कहना है कि बच्चों में नींद की कमी को अक्सर माता-पिता सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि इसका असर उनके शारीरिक विकास के साथ-साथ मानसिक क्षमता पर भी पड़ सकता है।

बच्चों के विकास में क्यों अहम है पर्याप्त नींद?

विशेषज्ञों के अनुसार, अच्छी और पर्याप्त नींद बच्चों के संपूर्ण विकास की मजबूत नींव होती है। पर्याप्त नींद लेने से याददाश्त बेहतर होती है, नई चीजें सीखने की क्षमता बढ़ती है और पढ़ाई में एकाग्रता बनी रहती है। इसके अलावा, नींद के दौरान शरीर में ग्रोथ हार्मोन का निर्माण होता है, जो लंबाई बढ़ाने के साथ हड्डियों और मांसपेशियों के बेहतर विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कम नींद से बढ़ सकती हैं कई गंभीर परेशानियां

यदि बच्चा रोजाना पर्याप्त नींद नहीं लेता है, तो उसे ध्यान केंद्रित करने में परेशानी, चिड़चिड़ापन, गुस्सा और भूलने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। लंबे समय तक नींद पूरी न होने पर मोटापे का खतरा बढ़ सकता है। इसके साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने, बार-बार बीमार पड़ने और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं की आशंका भी बढ़ जाती है।

हर उम्र के बच्चों के लिए कितनी नींद जरूरी?

विशेषज्ञों के मुताबिक, 4 से 12 महीने के शिशुओं को झपकी सहित 12 से 16 घंटे की नींद लेनी चाहिए। 1 से 2 वर्ष के बच्चों के लिए 11 से 14 घंटे, 3 से 5 वर्ष के बच्चों के लिए 10 से 13 घंटे, 6 से 12 वर्ष के बच्चों के लिए 9 से 12 घंटे और 13 से 18 वर्ष के किशोरों के लिए प्रतिदिन 8 से 10 घंटे की नींद आवश्यक मानी जाती है।

बच्चों की अच्छी नींद के लिए अपनाएं ये आदतें

बच्चों को रोजाना एक तय समय पर सुलाने और जगाने की आदत विकसित करनी चाहिए। सोने से कम से कम एक घंटे पहले मोबाइल, टैबलेट, टीवी और अन्य स्क्रीन से दूरी बनाना जरूरी है। दिनभर पर्याप्त शारीरिक गतिविधि भी बेहतर नींद में मदद करती है। यदि बच्चा पर्याप्त नींद लेने के बाद भी लगातार थका हुआ महसूस करता है, रात में तेज खर्राटे लेता है या लंबे समय तक सोने में दिक्कत रहती है, तो बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।

 

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