NTA में 50 से ज्यादा कर्मचारियों पर कार्रवाई, UGC-NET में गड़बड़ियों के बाद सरकार ने मांगी ऑडिट रिपोर्ट

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नई दिल्ली: यूजीसी-नेट के तीन प्रश्नपत्रों में गड़बड़ियां सामने आने के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी पर सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। शिक्षा मंत्रालय ने एनटीए से परीक्षा प्रक्रियाओं का गहन ऑडिट कराने और सुधारात्मक कदमों की रिपोर्ट देने को कहा है। इसी बीच एनटीए ने 50 से अधिक कर्मचारियों को हटा दिया है और 10 प्रमुख पदों पर पेशेवरों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

परीक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव के निर्देश

शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सोमवार को उच्च शिक्षा विभाग के सचिव, एनटीए महानिदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा की। बैठक में परीक्षा से जुड़े तय प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

मंत्री ने गोपनीय संचालन ढांचे, सुरक्षित कमरों, एयर-गैप्ड प्रणालियों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जमा कराने की व्यवस्था में व्यापक बदलाव को युद्धस्तर पर लागू करने को कहा। एनटीए को सभी परीक्षा प्रक्रियाओं का विस्तृत ऑडिट कराने और उसके आधार पर सुधारात्मक कदमों की रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

यूजीसी-नेट की गड़बड़ियों के बाद प्रक्रियाओं की समीक्षा

यूजीसी-नेट के तीन प्रश्नपत्रों में गड़बड़ियां सामने आने के बाद एनटीए ने अपनी आंतरिक प्रक्रियाओं और परीक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, एजेंसी का लक्ष्य आगे होने वाली परीक्षाओं को निष्पक्ष और त्रुटिरहित तरीके से आयोजित करना है। साथ ही परीक्षा प्रक्रिया में हुई चूकों के लिए जवाबदेही तय करने पर भी काम किया जा रहा है।

एनटीए ने हाल की गड़बड़ियों को स्वीकार करते हुए सुधारात्मक कदम उठाने की जिम्मेदारी ली है। एजेंसी प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर परीक्षा के अन्य चरणों तक पूरी प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में बदलाव कर रही है।

NTA ने 50 से अधिक कर्मचारियों को हटाया

परीक्षा व्यवस्था में सुधार की प्रक्रिया के तहत एनटीए ने 50 से अधिक कर्मचारियों को हटा दिया है। इसके साथ ही 10 महत्वपूर्ण पदों पर पेशेवरों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किए गए हैं। इनमें मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी, मुख्य वित्त अधिकारी, मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी और परीक्षा सुरक्षा से जुड़े पद शामिल हैं।

इन नियुक्तियों की प्रक्रिया यूजीसी-नेट के तीन विषयों में सामने आई त्रुटियों के बाद दोबारा परीक्षा कराने के फैसले के बीच शुरू की गई है। मंत्रालय के मुताबिक, इन कदमों का उद्देश्य परीक्षा संचालन में विशेषज्ञता और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।

तीन विषयों में दोबारा परीक्षा, उम्मीदवारों की संख्या में कटौती नहीं

एनटीए ने सोमवार को स्पष्ट किया कि यूजीसी-नेट के अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र विषयों में दोबारा परीक्षा के लिए पात्र उम्मीदवारों की संख्या या विषयवार आवंटन में कोई कटौती नहीं की जाएगी। दोबारा परीक्षा के लिए उम्मीदवारों से कोई अतिरिक्त शुल्क भी नहीं लिया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार, परीक्षा प्रक्रिया में किए जा रहे सुधार उम्मीदवारों के हित को ध्यान में रखते हुए किए जा रहे हैं। एनटीए प्रश्नपत्र तैयार करने के अलग-अलग चरणों, जिसमें प्रश्नपत्र तैयार करना, अनुवाद और कंपोजिंग शामिल हैं, की प्रक्रियाओं को भी मजबूत करने की समीक्षा कर रहा है। इसके साथ ही परीक्षा प्रक्रिया में हुई चूकों के लिए जिम्मेदारी तय करने के तरीकों की भी जांच की जा रही है।

NTA कार्यालय के बाहर एनएसयूआई का प्रदर्शन

यूजीसी-नेट परीक्षा में गड़बड़ियों और परीक्षा व्यवस्था को लेकर एनएसयूआई ने सोमवार को दिल्ली स्थित एनटीए कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ समेत बड़ी संख्या में छात्र और कार्यकर्ता शामिल हुए।

 

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