उत्तराखंड के इस गांव में नशे के खिलाफ महिलाओं ने संभाली कमान, लाठी-डंडों के साथ रातभर सड़कों पर पहरा
देहरादून: राजधानी देहरादून के राजपुर क्षेत्र स्थित थानी गांव में नशे के खिलाफ महिलाओं ने मोर्चा संभाल लिया है। पुराने मसूरी रोड के पास स्थित सपेरा बस्ती में महिलाएं लाठी-डंडे लेकर देर रात तक सड़कों पर निगरानी कर रही हैं। पिछले दो दिनों से महिलाएं लगातार अलग-अलग समूहों में गांव की सुरक्षा और नशे के खिलाफ पहरेदारी कर रही हैं।
नशे के कारोबार से परेशान महिलाओं ने उठाया कदम
स्थानीय महिलाओं का आरोप है कि इलाके में लंबे समय से नशे का कारोबार चल रहा है। इसके कारण महिलाओं और बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं के मुताबिक रात करीब 12 से 1 बजे तक इलाके में नशे की हालत में लोग घूमते रहते हैं। इसी वजह से उन्होंने खुद रात में निगरानी करने का फैसला किया है।
महिलाओं का कहना है कि नशे की हालत में कुछ लोग कई बार उनके घरों तक पहुंच जाते हैं और गांजा तथा भांग की मांग करते हैं। इससे महिलाओं को रात में अकेले आने-जाने में परेशानी होती है। साथ ही बच्चों पर नशे के बढ़ते प्रभाव को लेकर भी परिवारों में चिंता बनी हुई है।
पुलिस गश्त से नहीं थमा नशे का कारोबार
महिलाओं के मुताबिक पुलिस की ओर से इलाके में कभी-कभी गश्त की जाती है, लेकिन इसके बावजूद नशे के कारोबार पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पाया है। उनका कहना है कि लगातार बनी समस्या को देखते हुए अब महिलाओं ने स्वयं रात में निगरानी करने की जिम्मेदारी उठाई है।
महिलाओं के इस कदम का मकसद इलाके में आने वाले संदिग्ध लोगों पर नजर रखना और नशे से जुड़े लोगों को गांव में गतिविधियां करने से रोकना है।
शाम होते ही शुरू हो जाती है महिलाओं की पहरेदारी
थानी गांव में शाम करीब पांच बजे से ही महिलाओं के समूह सड़कों पर निकलने लगते हैं। अलग-अलग समूह और शिफ्ट बनाकर महिलाएं गांव में पहरा देती हैं। इस दौरान गांव में आने-जाने वाले संदिग्ध लोगों पर भी नजर रखी जाती है।
महिलाओं का कहना है कि वे अपने परिवार और बच्चों को नशे के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए यह कदम उठा रही हैं। रात के समय लाठी-डंडों के साथ महिलाओं की यह निगरानी अब गांव में नशे के खिलाफ सामूहिक अभियान का रूप ले रही है।
