पीएम मोदी ने फोन पर लिया वाराणसी की बाढ़ का जायजा, महापौर और जिलाधिकारी से पूछी हर जरूरी जानकारी
वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों की तैयारियों की जानकारी फोन पर ली। उन्होंने महापौर अशोक तिवारी और जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार से बातचीत कर गंगा और वरुणा नदी के जलस्तर, प्रभावित क्षेत्रों तथा राहत शिविरों में की जा रही व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया।
प्रधानमंत्री ने जिलाधिकारी से पूछा कि नदी का जलस्तर कितना है और राहत शिविरों में लोगों के लिए किस तरह की व्यवस्थाएं की जा रही हैं। उन्होंने अन्य जरूरी सुविधाओं की स्थिति के बारे में भी जानकारी ली और निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित लोगों को सभी आवश्यक सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं, ताकि उन्हें कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।
बाढ़ प्रभावितों तक तुरंत पहुंचाई जाए राहत
प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन स्थानों पर राहत सामग्री की अतिरिक्त जरूरत हो, वहां तत्काल उसकी व्यवस्था की जाए। उन्होंने बाढ़ और राहत कार्यों पर लगातार नजर रखने तथा प्रभावित लोगों तक जल्द से जल्द सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए। राहत शिविरों में रह रहे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की विशेष जरूरतों का ध्यान रखने को भी कहा।
महापौर और जिलाधिकारी से फोन पर बातचीत
प्रधानमंत्री ने महापौर अशोक तिवारी से सुबह 10 बजकर 27 मिनट पर करीब तीन मिनट तक बातचीत की। इसके बाद सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार से करीब पांच मिनट तक बात की। इस दौरान उन्होंने गंगा के साथ वरुणा नदी में बाढ़ की स्थिति के बारे में जानकारी ली।
गंगा और वरुणा की स्थिति पर ली जानकारी
प्रधानमंत्री ने जिलाधिकारी से वरुणा नदी में बाढ़ की स्थिति, प्रभावित गांवों और लोगों की संख्या के बारे में पूछा। उन्होंने राहत शिविरों में अब तक कितने लोगों को पहुंचाया गया है, इसकी भी जानकारी ली। इसके साथ ही गंगा के जलस्तर और उसके वरुणा नदी पर पड़ रहे प्रभाव के बारे में भी सवाल किया।
जिलाधिकारी ने बताया कि गंगा अपने चेतावनी बिंदु 70.26 मीटर से 30 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।
वरुणा के 15 तटवर्ती मोहल्ले बाढ़ से प्रभावित
प्रधानमंत्री ने पूछा कि गंगा के चेतावनी बिंदु से ऊपर बहने का क्या असर पड़ा है। इस पर जिलाधिकारी ने बताया कि गंगा का पानी चेतावनी बिंदु से ऊपर आने के कारण वरुणा नदी में भी पलट रहा है। इसके चलते वरुणा के तटवर्ती 15 मोहल्लों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य लगातार चलाए जा रहे हैं।
17 राहत शिविरों में 1850 लोग ठहरे
प्रधानमंत्री ने राहत शिविरों की संख्या और वहां रह रहे लोगों की स्थिति के बारे में भी जानकारी ली। जिलाधिकारी ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में अब तक 17 राहत शिविर खोले गए हैं, जिनमें 1850 लोगों को रखा गया है। प्रशासन के पास जरूरत पड़ने पर पूरे क्षेत्र में 61 तक राहत शिविर संचालित करने की क्षमता है। आवश्यकता बढ़ने पर शिविरों की संख्या भी बढ़ाई जा सकती है। प्रशासन की टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
बारिश जारी, गंगा का जलस्तर बढ़ने की आशंका
प्रधानमंत्री ने यह भी पूछा कि बाढ़ की स्थिति आगे कितने समय तक बनी रह सकती है। उन्हें बताया गया कि अभी बारिश हो रही है, ऐसे में गंगा का जलस्तर और बढ़ सकता है। बारिश रुकने के बाद बाढ़ की स्थिति धीरे-धीरे कम होने की संभावना है।
प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित मोहल्लों में बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर उन्हें भी तत्काल जानकारी दी जाए।
