यूपी में कारीगरों के लिए बड़ी राहत, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत मिलेगा बिना ब्याज और बिना गारंटी का 10 लाख रुपये तक ऋण
उन्नाव: उत्तर प्रदेश में पारंपरिक और आधुनिक काम से जुड़े कारीगरों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के दूसरे चरण में 14 ट्रेडों के कारीगरों को लाभ दिया जाएगा। योजना के तहत कारीगरों को कौशल वृद्धि प्रशिक्षण के साथ टूलकिट और परियोजना लागत के लिए बिना ब्याज व बिना गारंटी ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
14 ट्रेडों के कारीगरों को मिलेगा लाभ
योजना के दूसरे चरण में पांच पारंपरिक और नौ आधुनिक ट्रेडों के कारीगरों को शामिल किया गया है। नए ट्रेडों में मूर्तिकार, मालाकार, दूधवाला, भरभूजा और मछुआरा शामिल हैं। वहीं आधुनिक ट्रेड में मोबाइल मरम्मत, आटोमोबाइल मरम्मत, इलेक्ट्रानिक सामान की मरम्मत, विद्युत सामान की मरम्मत, प्लंबर, कंप्यूटर मरम्मत, सोलर इंस्टालेशन, डिजिटल फोटोग्राफी और सौंदर्य व वेलनेस से जुड़े काम शामिल हैं।
10 दिन का कौशल प्रशिक्षण और टूलकिट
योजना के तहत लाभार्थियों को 10 दिवसीय कौशल वृद्धि प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद सभी प्रशिक्षार्थियों को टूलकिट भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसका उद्देश्य कारीगरों के मौजूदा हुनर को मजबूत करने के साथ उनकी आजीविका के साधनों को बेहतर बनाना है।
10 लाख रुपये तक के ऋण पर 15 प्रतिशत सब्सिडी
योजना के तहत कारीगरों को 10 लाख रुपये तक की परियोजना लागत के लिए ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस ऋण में 15 प्रतिशत मार्जिन मनी सब्सिडी का प्रावधान है। खास बात यह है कि ऋण बिना गारंटी और बिना ब्याज के उपलब्ध कराया जाएगा।
योजना की जानकारी यहां मिलेगी
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के संबंध में अधिक जानकारी के लिए कारीगर किसी भी कार्यदिवस में जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र में प्रधान सहायक अनुराग द्विवेदी से संपर्क कर सकते हैं।
