SpaceX का स्टारशिप पहली बार ऑर्बिट में पहुंचा, फिर अचानक क्यों रोकनी पड़ी उड़ान? पानी में उतरते ही लगी आग
टेक्सास: एलन मस्क की कंपनी SpaceX ने अपने विशाल स्टारशिप को पहली बार ऑर्बिट में पहुंचाने में सफलता हासिल की, लेकिन मिशन को तय समय से पहले समाप्त करना पड़ा। स्टारशिप ने 26 उन्नत स्टारलिंक सैटेलाइट्स को सफलतापूर्वक ऑर्बिट में पहुंचाया। हालांकि, उड़ान के दौरान एक इंजन में समय से पहले खराबी आने के बाद सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मिशन को जल्दी खत्म करने का फैसला किया गया।
स्टारशिप ने टेक्सास से उड़ान भरी और प्रशांत महासागर के ऊपर से गुजरते हुए हवाई द्वीप के उत्तर में समुद्र में उतरने की कोशिश की। उतरते समय यान पलट गया और उसमें आग लग गई।
एक इंजन समय से पहले हुआ बंद
उड़ान के दौरान स्टारशिप का एक इंजन निर्धारित समय से पहले बंद हो गया था। इसके बावजूद बाकी सिस्टम काम करते रहे और मिशन ऑर्बिट तक पहुंचने में सफल रहा। कुछ समय तक फ्लाइट कंट्रोलर्स ने स्थिति पर नजर रखी और मिशन को तय योजना के अनुसार आगे बढ़ाया।
इसके बाद मिशन कंट्रोल की ओर से पुष्टि की गई कि स्टारशिप ऑर्बिट में पहुंच चुका है। हालांकि, शुरुआती इंजन खराबी को देखते हुए SpaceX ने एहतियात के तौर पर उड़ान को समय से पहले समाप्त करने का फैसला किया।
26 स्टारलिंक सैटेलाइट्स को ऑर्बिट में पहुंचाया
इस मिशन के दौरान स्टारशिप अपने साथ 26 नए स्टारलिंक सैटेलाइट लेकर गया था। इन सैटेलाइट्स को एक-एक करके स्टारशिप से अलग किया गया और ऑर्बिट में स्थापित किया गया।
ये नए सैटेलाइट्स पहले से ऑर्बिट में मौजूद करीब 11,000 पुराने मॉडल के स्टारलिंक सैटेलाइट्स के नेटवर्क का हिस्सा बनेंगे। इस मिशन के जरिए SpaceX ने स्टारशिप के बड़े पैमाने पर उपग्रहों को कक्षा में पहुंचाने की क्षमता का प्रदर्शन किया।
10 घंटे की उड़ान और 6 चक्कर लगाने की थी योजना
SpaceX का लक्ष्य इस मिशन को करीब 10 घंटे तक जारी रखने और पृथ्वी के चारों ओर छह चक्कर पूरे करने का था। मिशन का एक प्रमुख उद्देश्य स्टारशिप की लंबी अवधि की उड़ान क्षमता को परखना था।
इसके अलावा इस मिशन को नासा के आगामी आर्टेमिस मून मिशन के लिए भी महत्वपूर्ण परीक्षण के तौर पर देखा जा रहा था। नासा ने मिशन के दौरान हासिल की गई उपलब्धियों के लिए SpaceX को बधाई दी।
सबसे बड़ा और ताकतवर रॉकेट है स्टारशिप
SpaceX का स्टारशिप करीब 407 फीट यानी लगभग 124 मीटर लंबा है। इसे दोबारा इस्तेमाल किए जाने योग्य रॉकेट के रूप में विकसित किया गया है, ताकि भविष्य में अंतरिक्ष अभियानों की लागत कम की जा सके।
एलन मस्क की योजना स्टारशिप का इस्तेमाल भविष्य के चंद्रमा और मंगल अभियानों में करने की है। कंपनी लंबे समय से इसे मानव और भारी सामान को अंतरिक्ष तक पहुंचाने के लिए विकसित कर रही है।
