यूपी चुनाव से पहले कांग्रेस ने बदली रणनीति, आराधना मिश्रा मोना को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी; इमरान मसूद कार्यकारी अध्यक्ष, 2027 में बेस वोटर साधने की तैयारी
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने संगठन में बड़ा बदलाव किया है। रामपुर खास से लगातार तीसरी बार विधायक आराधना मिश्रा ‘मोना’ को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी के इस फेरबदल को उसके पुराने और पारंपरिक वोटबैंक को फिर से अपने साथ जोड़ने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। अब सवाल है कि क्या 2027 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस अपनी इस रणनीति के जरिए अपने पुराने आधार को वापस जोड़ पाएगी।
2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश की 17 सीटों पर चुनाव लड़ा था और छह सीटों पर जीत दर्ज की थी। वहीं, समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर इंडिया गठबंधन ने प्रदेश में कुल 43 सीटें जीती थीं। चुनाव नतीजों के बाद यह माना गया कि ‘संविधान बचाओ’ के मुद्दे पर दलित वर्ग का एक बड़ा हिस्सा कांग्रेस की ओर आया और गठबंधन के उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान किया।
लोकसभा चुनाव के नतीजों से उत्साहित कांग्रेस अब 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अपने पुराने वोटबैंक को मजबूत करने की कोशिश करती दिख रही है। इसी क्रम में लोकसभा चुनाव के दौरान यूपी कांग्रेस के प्रभारी रहे अविनाश पांडे को हटाकर दलित समुदाय से आने वाले राजेंद्र पाल गौतम को नया प्रभारी बनाया गया था।
ब्राह्मण, दलित और मुस्लिम समीकरण पर जोर
शुक्रवार देर शाम जारी संगठनात्मक बदलावों में कांग्रेस ने सामाजिक समीकरण को और व्यापक करने की कोशिश की है। प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी ब्राह्मण समुदाय से आने वाली आराधना मिश्रा मोना को दी गई है, जबकि प्रभारी के तौर पर दलित नेता राजेंद्र पाल गौतम और कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में मुस्लिम समुदाय से आने वाले इमरान मसूद को जिम्मेदारी मिली है।
इसके अलावा कांग्रेस ने ओबीसी समुदाय को साधने के लिए विधानमंडल दल के नेता का पद वीरेंद्र चौधरी को दिया है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष के पद पर देवेंद्र निषाद को शामिल कर निषाद समुदाय तक भी संदेश पहुंचाने की कोशिश की गई है। इस तरह चुनाव से पहले संगठन में अलग-अलग सामाजिक समूहों को प्रतिनिधित्व देने की तस्वीर सामने आई है।
इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाने के पीछे क्या संदेश?
कांग्रेस ने सहारनपुर के सांसद इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है। पार्टी के इस फैसले को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दलित-मुस्लिम समीकरण पर जोर देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। पश्चिम यूपी में दलित मतदाताओं की बड़ी हिस्सेदारी है और दलित समुदाय में जाटव मतदाताओं की संख्या भी महत्वपूर्ण मानी जाती है।
यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम जाटव बिरादरी से आते हैं। ऐसे में इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने से मुस्लिम मतदाताओं के बीच भी संदेश देने की कोशिश की गई है। सपा-कांग्रेस गठबंधन के लिहाज से पश्चिमी उत्तर प्रदेश अब भी महत्वपूर्ण क्षेत्र है, इसलिए पार्टी के इस संगठनात्मक बदलाव से नए राजनीतिक समीकरणों की संभावनाएं बन सकती हैं।
प्रमोद तिवारी की बेटी हैं आराधना मिश्रा मोना
आराधना मिश्रा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी की बेटी हैं। वह कांग्रेस की राजनीतिक विरासत से आती हैं और लंबे समय से पार्टी की राजनीति में सक्रिय हैं। पार्टी के भीतर उनके संबंध प्रियंका गांधी से अच्छे माने जाते हैं और राहुल गांधी के नेतृत्व वाले खेमे में भी उनकी स्वीकार्यता बताई जाती है।
आराधना मिश्रा के ब्राह्मण समुदाय से आने के कारण कांग्रेस के उस पारंपरिक मतदाता वर्ग तक भी संदेश पहुंचाने की कोशिश मानी जा रही है, जो कभी पार्टी का मजबूत आधार रहा था। महिला नेतृत्व के जरिए पार्टी आधी आबादी के बीच भी सकारात्मक संदेश देने की कोशिश कर रही है।
अजय राय के कार्यकाल को कांग्रेस ने सराहा
कांग्रेस ने नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा के साथ अजय राय के प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर किए गए काम की भी सराहना की है। अजय राय ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि उनके जैसे सामान्य कार्यकर्ता को यूपी कांग्रेस का अध्यक्ष बनाने के लिए वह पार्टी नेतृत्व के आजीवन आभारी रहेंगे। उन्होंने आराधना मिश्रा मोना समेत नए पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं।
अगस्त 2023 में प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए अजय राय ने तीन साल से अधिक के कार्यकाल में यूपी कांग्रेस को सक्रिय करने की कोशिश की। इस दौरान वह लगातार सरकार के खिलाफ पार्टी की आवाज उठाते रहे। 2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन के दौरान उन्होंने तत्कालीन यूपी प्रभारी अविनाश पांडे के साथ मिलकर तालमेल को मजबूत करने का प्रयास किया।
2019 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में सिर्फ एक सीट जीतने वाली कांग्रेस ने 2024 में छह सीटों पर जीत दर्ज की। हालांकि, अजय राय के कार्यकाल के दौरान पार्टी की ओर से उनकी नई टीम का गठन नहीं किया गया। इसके बावजूद वह संगठन को सक्रिय रखने में जुटे रहे। उनकी बेबाकी और सरकार के खिलाफ मुखर रुख ने पार्टी कार्यकर्ताओं में भी उत्साह पैदा किया।
आराधना मिश्रा ने जताया पार्टी नेतृत्व का आभार
प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद आराधना मिश्रा ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व का आभार जताया। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस के साथ जुड़ी अपनी चौथी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। उन्होंने पार्टी नेतृत्व को यह जिम्मेदारी देने के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि वह पार्टी के हर कार्यकर्ता, पूर्व पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं को साथ लेकर चलेंगी।
आराधना मिश्रा ने कहा कि 2027 में कांग्रेस की सरकार बनेगी। उन्होंने यह भी कहा कि अब समय कम है, इसलिए पार्टी को ज्यादा ऊर्जा के साथ काम करना होगा।
