15 साल की उम्र में सगाई, पिता को खोया और 3 बार मिली असफलता, फिर UPSC में AIR-9 हासिल कर IFS अफसर बनीं अंजलि सोंधिया
भोपाल: मध्य प्रदेश के छोटे से गांव चंद्रपुरा की रहने वाली अंजलि सोंधिया ने मुश्किल हालातों के बीच ऐसा मुकाम हासिल किया है, जो लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया है। महज 15 साल की उम्र में जब वह 10वीं कक्षा में पढ़ रही थीं, तब परिवार ने उनकी सगाई कर दी थी। शादी के कार्ड तक छपने की नौबत आ गई थी, लेकिन अंजलि ने पढ़ाई नहीं छोड़ी। लगातार तीन बार असफलता मिली, पिता का निधन हुआ और सामाजिक दबाव भी बढ़ता गया, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। चौथे प्रयास में उन्होंने यूपीएससी भारतीय वन सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 9 हासिल कर इतिहास रच दिया।
15 साल की उम्र में हुई सगाई, मां ने दिया साथ
किसान परिवार में जन्मीं अंजलि पढ़ाई में हमेशा से आगे रही थीं। उन्होंने अपने गांव के स्कूल से आठवीं तक पढ़ाई की। इसके बाद ब्यावरा से पढ़ाई पूरी की और 12वीं के बाद इंदौर चली गईं।
अंजलि ने अपने आसपास की कई लड़कियों को कम उम्र में पढ़ाई छोड़कर शादी करते देखा था। उन्होंने तय किया कि वह अपनी पहचान पढ़ाई के दम पर बनाएंगी। इसी सोच के साथ उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी।
जब 15 साल की उम्र में परिवार ने उनकी सगाई कर दी, तब उनकी मां ने बेटी का साथ दिया। मां ने सगाई तोड़कर अंजलि को अपनी शिक्षा जारी रखने का मौका दिया और उनके सपनों को पूरा करने में हर कदम पर साथ खड़ी रहीं।
2021, 2022 और 2023 में लगातार मिली असफलता
अंजलि के लिए यूपीएससी का सफर आसान नहीं रहा। साल 2021, 2022 और 2023 की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में उन्हें लगातार तीन बार असफलता का सामना करना पड़ा। हर असफलता के बाद समाज और रिश्तेदारों की ओर से शादी करने का दबाव भी बढ़ता गया।
इसके बावजूद अंजलि ने तैयारी जारी रखी। उन्होंने असफलताओं को अपने लक्ष्य के रास्ते की बाधा बनने नहीं दिया और लगातार मेहनत करती रहीं।
2023 में पिता को खोया, मां बनीं मजबूत सहारा
साल 2023 अंजलि के जीवन का सबसे कठिन दौर रहा। एक तरफ वह तीसरी बार सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में असफल हुईं, वहीं दूसरी तरफ उनके सिर से पिता का साया भी उठ गया।
इस मुश्किल समय में उनकी मां उनके साथ चट्टान की तरह खड़ी रहीं। उन्होंने बेटी के सपनों को टूटने नहीं दिया और अंजलि को आगे बढ़ने के लिए लगातार हौसला दिया।
चौथे प्रयास में हासिल की UPSC IFS में AIR-9
लगातार असफलताओं, पारिवारिक दुख और सामाजिक दबाव के बावजूद अंजलि ने हार नहीं मानी। चौथे प्रयास में उन्होंने सिविल सेवा के साथ भारतीय वन सेवा परीक्षा भी दी।
वर्षों की मेहनत, त्याग और लगन का नतीजा यह रहा कि अंजलि सोंधिया ने यूपीएससी भारतीय वन सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 9 हासिल कर ली। उनकी सफलता ने यह साबित कर दिया कि कठिन परिस्थितियां भी मजबूत इरादों के आगे टिक नहीं सकतीं।
अंजलि सोंधिया का मानना है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। जब दुनिया आपकी किस्मत तय करने की कोशिश करे, तब अपनी मेहनत और किताबों के बल पर अपनी तकदीर खुद लिखनी चाहिए।
