SIR पर अमेरिकी सांसद का बयान, अभिजीत दीपके के समर्थन में उतरीं प्रमिला जयपाल; भारत में 13 करोड़ नाम हटाने का लगाया आरोप
राष्ट्रीय डेस्क: भारत में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर जारी सियासी बहस के बीच अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मतदाता सूची से करीब 13 करोड़ नाम हटाए जाने का दावा करते हुए चिंता जताई और SIR के विरोध में हो रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शनों का समर्थन किया। उनके बयान को अभिजीत दीपके की अगुवाई वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध अभियान के समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है। यह बयान ऐसे समय आया है, जब CJP को अमेरिका से कथित फंडिंग मिलने के आरोप भी चर्चा में हैं।
अमेरिकी सांसद ने भारत और ट्रंप प्रशासन की तुलना की
डेमोक्रेटिक पार्टी की सांसद प्रमिला जयपाल ने बुधवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर भारत में SIR की प्रक्रिया पर चिंता जताई। उन्होंने दावा किया कि भारत में मतदाता सूची से 13 करोड़ लोगों के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने इसकी तुलना अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की नीतियों से करते हुए कहा कि ऐसे कदम लोकतंत्र और मतदान के अधिकारों को कमजोर कर सकते हैं।
जयपाल ने अपने बयान में कहा कि भारत सरकार की कार्रवाई उन्हें अमेरिका में लोकतांत्रिक अधिकारों को प्रभावित करने वाली कोशिशों जैसी लगती है। हालांकि, मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के आंकड़े और उनकी वजहों को लेकर चुनाव आयोग का पक्ष भी महत्वपूर्ण है।
SIR के खिलाफ प्रदर्शनों का किया समर्थन
प्रमिला जयपाल ने भारत में SIR के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों का समर्थन करते हुए कहा कि दुनिया भर में लोकतंत्र की रक्षा करना जरूरी है। उन्होंने शांतिपूर्ण और अहिंसक तरीके से विरोध करने वाले लोगों के साथ खड़े होने की बात कही।
उनके बयान से भारत में मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर चल रही राजनीतिक बहस को अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी जगह मिली है। हालांकि, किसी विदेशी सांसद का समर्थन अपने आप में SIR को लेकर लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं करता।
भारत में SIR को लेकर विपक्ष और CJP का विरोध
भारत में विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों के साथ-साथ अभिजीत दीपके की अगुवाई वाली CJP भी विरोध कर रही है। संगठन ने चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है।
रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयोग के आंकड़ों में 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR के शुरुआती तीन चरणों के दौरान करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने का उल्लेख है। आयोग ने यह भी कहा है कि जिन पात्र मतदाताओं के नाम सूची में छूट गए हैं, वे फॉर्म-6 भरकर नाम जुड़वाने की प्रक्रिया अपना सकते हैं।
CJP को अमेरिकी फंडिंग मिलने के आरोप भी चर्चा में
इस विवाद के बीच अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन ने भी CJP और अभिजीत दीपके को लेकर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि दीपके को अमेरिका से आर्थिक मदद मिल रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोध में काम करने वाले दानदाता उन्हें समर्थन दे रहे हैं। हालांकि, उन्होंने कथित दानदाताओं के नाम सार्वजनिक नहीं किए थे।
वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने भी CJP की फंडिंग को लेकर सवाल उठाए थे और भारत के खिलाफ बाहरी स्तर पर प्रयास किए जाने की बात कही थी। इन आरोपों के संबंध में उपलब्ध रिपोर्ट में किसी फंडिंग स्रोत का स्वतंत्र प्रमाण नहीं दिया गया है।
SIR और फंडिंग विवाद पर बढ़ी राजनीतिक बहस
प्रमिला जयपाल के बयान के बाद SIR को लेकर भारत में जारी राजनीतिक विवाद फिर चर्चा में आ गया है। एक ओर विपक्षी दल और CJP मतदाता सूची से नाम हटाए जाने पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर चुनाव आयोग ने छूटे हुए पात्र मतदाताओं के लिए नाम जुड़वाने की प्रक्रिया बताई है। CJP को विदेशी फंडिंग मिलने के आरोप भी अलग से जांच और प्रमाण की मांग करते हैं। फिलहाल, इन आरोपों और दावों पर संबंधित पक्षों के तथ्यों तथा आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर ही निष्कर्ष निकाला जा सकता है।
