‘SSR का उल्टा RSS, फिर SIR का क्या मतलब?’ अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल, 100 सीटों पर फर्जी वोटों का दावा

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लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने SSR को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जोड़ते हुए तंज कसा और मांग की कि इस प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची का कोई दूसरा पुनरीक्षण नहीं कराया जाना चाहिए। अखिलेश ने दावा किया कि उनकी पार्टी ने 100 विधानसभा क्षेत्रों में फर्जी और दोहरे मतदाता पंजीकरण से जुड़ा आंकड़ा तैयार कर चुनाव आयोग को सौंपा है।

SSR और SIR को लेकर चुनाव आयोग पर निशाना

अखिलेश यादव ने कहा कि अगर SSR कराया जा रहा है, तो फिर विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का क्या औचित्य रह जाता है। उन्होंने SSR के उलट RSS होने की बात कहकर चुनाव आयोग के फैसले पर कटाक्ष किया। सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि जब उनकी पार्टी चुनाव आयोग से सवाल पूछती है, तो भाजपा की ओर से जवाब आने लगता है।

उन्होंने मांग की कि SSR की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतदाता सूची में दोबारा संशोधन की प्रक्रिया नहीं होनी चाहिए। उनके मुताबिक, मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने का काम पारदर्शी तरीके से होना चाहिए, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम छूटने न पाए।

17 और 24 अक्टूबर को मतदाता सूची अभियान में जुटने की अपील

सपा अध्यक्ष ने पार्टी कार्यकर्ताओं से 17 और 24 अक्टूबर को बूथों पर चलने वाले अभियान में सक्रिय रहने की अपील की। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पात्र मतदाताओं के नाम सूची में जुड़वाने पर ध्यान देने को कहा।

अखिलेश यादव ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी ने 100 विधानसभा क्षेत्रों का आंकड़ा जुटाकर चुनाव आयोग को दिया है। उनके अनुसार, इसमें एक ही युवक के नाम पर अलग-अलग जगहों पर मतदाता पहचान दर्ज होने के मामले शामिल हैं।

‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ पर भी कसा तंज

अखिलेश यादव ने भाजपा के ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ के विचार पर निशाना साधते हुए कहा कि उसकी मंशा ‘वन करप्शन, वन इलेक्शन’ जैसी है। उन्होंने मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर भाजपा पर राजनीतिक साजिश का आरोप भी लगाया।

सपा अध्यक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर तंज कसते हुए ‘मुंहनुचवा’ और ‘मुचुवा’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने इस प्रक्रिया में गलती होने का आरोप लगाते हुए इसे सामान्य चूक के बजाय गंभीर मामला बताया।

महंगाई और भ्रष्टाचार को लेकर भाजपा पर आरोप

अखिलेश यादव ने दावा किया कि भाजपा का पारंपरिक सनातनी मतदाता उससे दूर हो रहा है। उन्होंने चढ़ावे की चोरी से जुड़े आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि लोग भाजपा को वोट देकर पाप का भागीदार नहीं बनना चाहते। उन्होंने महंगाई और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मध्यमवर्ग की नाराजगी का भी उल्लेख किया। ये सभी बातें अखिलेश यादव ने अपने राजनीतिक आरोपों के तौर पर रखीं।

पूर्व सांसद राजपाल सैनी समेत कई नेता सपा में शामिल

कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव ने पूर्व सांसद राजपाल सैनी समेत समाजवादी पार्टी में शामिल हुए नेताओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि प्रेम, दया और आपसी अपनापन बढ़ने से पीडीए परिवार मजबूत होगा। उनके मुताबिक, कश्यप, दलित और अन्य समाजों के कई लोग पार्टी से जुड़े हैं, जिससे सपा का जनाधार बढ़ेगा।

 

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