यूपी एमएलसी चुनाव: सत्ता के सेमीफाइनल में सपा-भाजपा आमने-सामने, 72 जिलों में आज मतदान
कुल 11 सीटों में पांच खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और छह खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की हैं। इन सीटों पर 14.18 लाख मतदाता 152 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला करेंगे। प्रदेश के 75 में से 72 जिलों में मतदान कराया जा रहा है। कानपुर नगर, कानपुर देहात और उन्नाव में चुनाव पहले ही संपन्न हो चुका है। मतदान वाले सभी 72 जिलों में 12वीं तक के स्कूल बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए चुनाव आयोग ने 11 प्रेक्षकों की तैनाती की है।
सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान
मतदान प्रक्रिया सुबह 8 बजे शुरू होकर शाम 4 बजे तक चलेगी। इसके लिए प्रदेशभर में 2,697 मतदान केंद्र बनाए गए हैं और 12,309 मतदानकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। व्यवस्था की निगरानी के लिए 1,041 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 456 जोनल मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। प्रत्येक मतदान केंद्र पर माइक्रो ऑब्जर्वर की निगरानी रहेगी और मतदान की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। चुनाव संबंधी कामकाज के लिए 1,108 भारी और 1,737 हल्के वाहनों को लगाया गया है।
इन पांच स्नातक और छह शिक्षक क्षेत्रों में चुनाव
खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की पांच सीटों में लखनऊ, आगरा, मेरठ, वाराणसी और इलाहाबाद-झांसी शामिल हैं। वहीं, खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की छह सीटों के लिए लखनऊ, आगरा, मेरठ, वाराणसी, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद में मतदान हो रहा है।
जिन मतदाताओं के पास फोटोयुक्त मतदाता पहचान पत्र नहीं है, वे निर्धारित वैकल्पिक दस्तावेजों के जरिए अपनी पहचान साबित कर सकते हैं। इनमें आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, पैन कार्ड और विश्वविद्यालय की ओर से जारी डिग्री या डिप्लोमा का मूल प्रमाणपत्र समेत अन्य मान्य दस्तावेज शामिल हैं।
मतदाता सूची में गलती होने पर भी नहीं रोका जाएगा वोट
मतदाता सूची में नाम दर्ज होने के बावजूद यदि उसमें लिपिकीय त्रुटि है, तो इस आधार पर किसी पात्र मतदाता को मतदान से वंचित नहीं किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जरूरी दस्तावेजों की जांच के बाद ऐसे मतदाताओं को वोट डालने दिया जाए।
मतदान वाले सभी जिलों में कंट्रोल रूम बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि मतदान से रोके जाने की स्थिति में मतदाता शिकायत दर्ज करा सकें। यदि नाम में लिपिकीय गलती के कारण किसी मतदाता को वोट डालने से रोका जाता है, तो संबंधित जिलाधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी और कार्रवाई हो सकती है।
मतदान वाले जिलों में स्कूल और शराब की दुकानें बंद
एमएलसी चुनाव के मद्देनजर मतदान वाले सभी 72 जिलों में 12वीं तक के स्कूल बंद रखे गए हैं। इसके साथ ही देशी और विदेशी शराब की दुकानों को भी बंद रखने का आदेश दिया गया है। 27 अक्टूबर को मतगणना के दिन भी शराब की बिक्री पर रोक रहेगी। जिला निर्वाचन अधिकारियों ने स्कूलों को बंद रखने संबंधी आदेश जारी किए हैं, जबकि शराब की दुकानों को बंद रखने के निर्देश आबकारी विभाग की ओर से दिए गए हैं।
