शिवा शर्मा हत्याकांड: गिरफ्तारी के बाद भी श्रद्धा दुबे के तेवर बरकरार, आखिर किसका है भरोसा?
श्रद्धा को 20 अक्टूबर को नागपुर से उत्तर प्रदेश एसटीएफ और लखनऊ पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया था। उसके साथ उसकी बहन रश्मि दुबे और चालक दानिश उर्फ तनवीर को भी पकड़ा गया। गिरफ्तारी के समय से लेकर लखनऊ पहुंचने और मेडिकल जांच तक श्रद्धा का व्यवहार चर्चा में है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फरारी के दौरान उसे किसने मदद पहुंचाई और क्या पर्दे के पीछे कोई अन्य व्यक्ति भी उसकी सहायता कर रहा था।
पुलिस हिरासत में भी दिखाए तीखे तेवर
गुरुवार सुबह पुलिस टीम श्रद्धा, उसकी बहन रश्मि और चालक दानिश को लेकर हजरतगंज कोतवाली पहुंची। तीनों को पुलिस सुरक्षा के बीच पूछताछ के लिए अंदर ले जाया गया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान भी श्रद्धा का रवैया सख्त रहा। इसके बाद सिविल अस्पताल में मेडिकल जांच के समय भी वह बेफिक्र दिखाई दी।
उसके व्यवहार को लेकर यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या उसे किसी प्रभावशाली व्यक्ति का संरक्षण हासिल है या फिर उसके पीछे कोई ऐसा नेटवर्क है, जो गिरफ्तारी से पहले और फरारी के दौरान उसकी मदद करता रहा। हालांकि, इन संभावनाओं की अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस मददगारों की भूमिका की जांच कर रही है।
नागपुर में भी पुलिस की बात मानने से किया था इनकार
श्रद्धा की गिरफ्तारी के समय भी उसके तेवर सामने आए थे। 20 अक्टूबर को नागपुर में जब पुलिसकर्मियों ने उसे फॉर्च्यूनर की पिछली सीट पर बैठने के लिए कहा, तो उसने इनकार कर दिया था। बाद में पुलिस ने उसे बीच वाली सीट पर बैठाया। इस घटना का वीडियो भी सामने आया था, जिसके बाद उसके व्यवहार को लेकर चर्चा हुई।
लखनऊ लाए जाने के दौरान भी उसका अंदाज लोगों का ध्यान खींचता रहा। पुलिस हिरासत में होने के बावजूद उसके आत्मविश्वास भरे व्यवहार ने कई सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, केवल उसके हावभाव के आधार पर किसी तरह के राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
फरारी के दौरान मेकअप में वीडियो बाइट देने पर भी चर्चा
फरार रहने के दौरान श्रद्धा ने एक न्यूज एजेंसी को वीडियो बाइट दी थी, जो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुई। इस वीडियो में उसके मेकअप में नजर आने को लेकर लोगों ने प्रतिक्रियाएं दीं। इससे पहले उसने तीन वीडियो जारी कर खुद को निर्दोष बताया था। इन वीडियो में भी उसके चेहरे पर घबराहट या पछतावे के स्पष्ट भाव नहीं दिखने की बात कही गई थी।
सोशल मीडिया पर उसके व्यवहार को लेकर तरह-तरह की टिप्पणियां की जा रही हैं। वहीं, हत्या के मामले में उसकी भूमिका का निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।
मददगारों पर भी होगी कार्रवाई
पुलिस अब श्रद्धा और उसके साथ गिरफ्तार हुए लोगों को फरारी के दौरान मदद देने वालों की जानकारी जुटा रही है। जांच में जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ सबूतों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस उपायुक्त मध्य अर्पित विजयवर्गीय ने भी स्पष्ट किया है कि आरोपितों के मददगारों को बख्शा नहीं जाएगा।
फिलहाल जांच का अहम पहलू यह पता लगाना है कि फरारी के दौरान श्रद्धा कहां-कहां रही, उसे किसने सहयोग दिया और पुलिस से बचने में किन लोगों ने उसकी मदद की। इन सवालों के जवाब जांच आगे बढ़ने के साथ सामने आ सकते हैं।
