बदायूं में HPCL अधिकारियों की हत्या का आरोपी हाफ एनकाउंटर में घायल, दोनों पैरों में लगी गोली
बदायूं: हिंदुस्तान पेट्रोलियम के दो अधिकारियों की हत्या के आरोपी अजय प्रताप सिंह को पुलिस ने शुक्रवार तड़के हाफ एनकाउंटर में घायल कर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी। घायल आरोपी को पुलिसकर्मियों ने कंधे पर लादकर गाड़ी तक पहुँचाया और तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
हत्याकांड की पृष्ठभूमि
अजय प्रताप सिंह, जो कंपनी में पराली सप्लाई का ठेका लेने वाला आउटसोर्स कर्मचारी था, को पहले नौकरी से निकाल दिया गया था और उसकी फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया था। इसके बाद से आरोपी करीब तीन महीने तक DGM सुधीर गुप्ता (55) और असिस्टेंट मैनेजर हर्षित मिश्रा (35) को जान से मारने की धमकी दे रहा था।
एफआईआर के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं
DGM सुधीर गुप्ता ने 4 फरवरी को मुसाझाग थाने में आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। एफआईआर में उन्होंने बताया कि अजय लगातार धमकियां दे रहा है और उनका पीछा कर रहा है। धमकियों के चलते सुधीर गुप्ता ने रिटायरमेंट से 5 साल पहले VRS लेने की अर्जी दी, जिसे मंजूरी मिल गई थी। वहीं, हर्षित मिश्रा ने अपना ट्रांसफर कराने के लिए आवेदन दिया था, लेकिन इससे पहले ही आरोपी ने दोनों अधिकारियों की हत्या कर दी।
एनकाउंटर का विवरण
सीओ डॉ. देवेंद्र सिंह के मुताबिक, आरोपी ने जिस हथियार से हत्या की थी उसे वारदात के बाद जंगल में छिपा दिया था। पुलिस शुक्रवार तड़के आरोपी को हथियार बरामद कराने के लिए जंगल में ले गई। इसी दौरान आरोपी ने झाड़ियों के बीच छिपाकर रखा लोडेड तमंचा निकालकर पुलिस टीम पर फायरिंग की। जवाबी फायरिंग में आरोपी घायल हो गया।
सवाल एफआईआर के बाद कार्रवाई न होने का
मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। यदि समय रहते कार्रवाई होती, तो यह दोहरा हत्याकांड टाला जा सकता था।
