होली से पहले PF पर बड़ी राहत? ब्याज दर तय करने के लिए 2 मार्च को EPFO की अहम बैठक, बढ़ी कर्मचारियों की उम्मीदें
होली से पहले लाखों सैलरीड कर्मचारियों के लिए प्रोविडेंट फंड से जुड़ी बड़ी खुशखबरी आ सकती है। Employees’ Provident Fund Organisation (EPFO) वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) पर मिलने वाली ब्याज दर को अंतिम रूप देने के लिए 2 मार्च को एक महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहा है। इस बैठक में यह तय होगा कि आने वाले साल में PF जमा पर कितना रिटर्न मिलेगा।
CBT तय करता है ब्याज दर का फॉर्मूला
EPFO की सबसे बड़ी निर्णय लेने वाली संस्था Central Board of Trustees (CBT) इस बैठक में ब्याज दर पर फैसला करेगी। CBT में सरकार के नामित सदस्य, नियोक्ता प्रतिनिधि और ट्रेड यूनियन के सदस्य शामिल होते हैं। ब्याज दर का निर्धारण EPFO के निवेश से होने वाली कमाई के आधार पर किया जाता है। सूत्रों के मुताबिक, लगातार तीसरे साल EPF की ब्याज दर 8.25 फीसदी पर बरकरार रखी जा सकती है।
चुनावी साल में कटौती की संभावना कम
इस साल ब्याज दर में किसी तरह की कटौती की संभावना इसलिए भी कम मानी जा रही है क्योंकि पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में सरकार उन फैसलों से बचना चाहती है, जिनका सीधा असर वेतनभोगी कर्मचारियों के सेंटिमेंट पर पड़े।
26 लाख करोड़ रुपये का विशाल फंड संभालता है EPFO
रिपोर्ट्स के अनुसार, EPFO इस समय करीब 25 से 26 लाख करोड़ रुपये का फंड मैनेज कर रहा है। EPF को रिटायरमेंट प्लानिंग का सबसे भरोसेमंद जरिया माना जाता है, क्योंकि इसमें टैक्स-फ्री और गारंटीड रिटर्न मिलता है, जो कई बार बैंक FD और छोटी बचत योजनाओं से भी बेहतर होता है।
अक्टूबर की बैठक में लिए गए थे अहम फैसले
EPFO की पिछली CBT बैठक अक्टूबर में हुई थी, जिसमें कई बड़े फैसले किए गए थे। इनमें EPF से पार्शियल विड्रॉल यानी आंशिक निकासी के नियमों को आसान बनाना भी शामिल था। Ministry of Labour and Employment ने तब कहा था कि EPF सदस्यों के लिए प्रक्रिया को सरल बनाने के मकसद से नियमों में बदलाव किया गया है।
पार्शियल विड्रॉल के नियम हुए आसान
पहले मौजूद 13 जटिल शर्तों को मिलाकर अब एक आसान नियम लागू किया गया है। इन्हें तीन कैटेगरी में बांटा गया है—जरूरी जरूरतें (बीमारी, पढ़ाई और शादी), घर से जुड़ी जरूरतें और विशेष परिस्थितियां। इसके साथ ही निकासी की सीमा को भी सरल बनाया गया है।
पढ़ाई और शादी के लिए ज्यादा बार निकासी की छूट
नए नियमों के तहत पढ़ाई के लिए 10 बार और शादी के लिए 5 बार तक EPF से पार्शियल विड्रॉल किया जा सकता है। पहले पढ़ाई और शादी दोनों के लिए मिलाकर केवल तीन बार निकासी की अनुमति थी। इसके अलावा सभी तरह की आंशिक निकासी के लिए न्यूनतम सेवा अवधि को घटाकर सिर्फ 12 महीने कर दिया गया है, जिससे कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है।
