नेपाल चुनाव के मद्देनज़र भारत-नेपाल सीमा 72 घंटे रहेगी सील, वाल्मीकिनगर मार्ग पर सख्त पाबंदी
वाल्मीकिनगर। पड़ोसी देश नेपाल में होने वाले चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए नवलपरासी जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। सुरक्षा कारणों से भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा के त्रिवेणी सेक्टर को तीन मार्च की रात से छह मार्च की रात तक, यानी 72 घंटे के लिए पूरी तरह सील किया जाएगा।
इस अवधि में वाल्मीकिनगर सीमा से आम नागरिकों और वाहनों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सीमा पार आवागमन पूरी तरह बंद रहेगा, जिससे चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधि पर रोक लगाई जा सके।
सिर्फ आपातकालीन सेवाओं को मिलेगी अनुमति
सीमा सील रहने के दौरान केवल एंबुलेंस और विशेष आपातकालीन सेवाओं को ही गहन जांच के बाद आने-जाने की अनुमति दी जाएगी। सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और सीमा पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
नेपाल सशस्त्र पुलिस बल (APF) के त्रिवेणी बीओपी के सब-इंस्पेक्टर डम्मर ओली ने बताया कि चुनाव को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। हालांकि पूर्वी नवलपरासी के जिलाधिकारी भविश्वर पांडेय की ओर से अभी तक कोई औपचारिक लिखित आदेश जारी नहीं हुआ है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर सीमा सील करने की मौखिक सूचना दे दी गई है।
वोटर पहचान के बाद ही मिलेगा प्रवेश
सीमा सील की अवधि में यदि कोई नेपाली मतदाता भारतीय सीमा क्षेत्र से नेपाल में प्रवेश करना चाहता है तो उसकी नागरिकता और मतदाता पहचान पत्र की सघन जांच के बाद ही अनुमति दी जाएगी। बिना वैध दस्तावेज के किसी को भी सीमा पार करने की इजाजत नहीं होगी।
तीन मार्च की रात से लागू होने वाला यह प्रतिबंध छह मार्च की रात तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन का कहना है कि यह कदम चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने और किसी भी संभावित गड़बड़ी को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।
