KBC में जीते 50 लाख, फिर 22 की उम्र में UPSC फतेह; विकास पंवार ने पहले प्रयास में हासिल की AIR 159, बने IAS

IAS_Vikas_Panwar_1787548984788_1

शिमला: कौन बनेगा करोड़पति में 50 लाख रुपये जीतकर सुर्खियों में आए 22 वर्षीय विकास सिंह पंवार ने अब यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में भी शानदार सफलता हासिल की है। विकास ने अपने पहले ही प्रयास में परीक्षा पास करते हुए ऑल इंडिया 159वीं रैंक हासिल की है। टीवी के क्विज शो से लेकर देश की प्रतिष्ठित प्रशासनिक सेवा तक का उनका सफर युवाओं के लिए प्रेरणादायक बन गया है।

विकास पंवार ने कौन बनेगा करोड़पति के 17वें सीजन में हिस्सा लिया था। कार्यक्रम में उनकी सामान्य ज्ञान और समसामयिक घटनाओं पर मजबूत पकड़ देखने को मिली थी। उन्होंने सवालों का सही जवाब देते हुए 50 लाख रुपये की रकम जीती थी।

एक करोड़ के सवाल पर नहीं लगाया दांव

केबीसी में विकास के सामने एक करोड़ रुपये का सवाल भी आया था। आत्मविश्वास की कमी के कारण उन्होंने इस सवाल पर आगे खेलने के बजाय खेल छोड़ने का फैसला किया। बाद में अमिताभ बच्चन के कहने पर उन्होंने सवाल का अनुमान लगाया और उनका चुना हुआ विकल्प सही निकला।

सवाल था कि किस सेना अधिकारी का नाम एक पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री के नाम से मिलता-जुलता है और जिन्हें अक्सर जबलपुर में स्नूकर के आविष्कार का श्रेय दिया जाता है। इसके विकल्पों में नेविल चेम्बरलेन, विंस्टन चर्चिल, एलेक डगलस-होम और हेरोल्ड मैकमिलन शामिल थे। विकास ने नेविल चेम्बरलेन को चुना था, जो सही उत्तर था।

शिमला से दिल्ली तक की पढ़ाई

विकास सिंह पंवार मूल रूप से शिमला के रहने वाले हैं। उनकी शुरुआती पढ़ाई डीएवी न्यू शिमला से हुई। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से राजनीति विज्ञान में स्नातक की पढ़ाई पूरी की।

उनके पिता चतेर सिंह सरकारी स्कूल में प्रधानाचार्य हैं। ऐसे में विकास को बचपन से ही पढ़ाई का माहौल मिला। स्नातक की पढ़ाई के बाद उन्होंने यूजीसी नेट की परीक्षा भी पास की थी।

KBC के बाद UPSC की तैयारी में जुटे

केबीसी में सफलता के बाद विकास ने अपना पूरा ध्यान यूपीएससी की तैयारी पर लगा दिया। उन्होंने पढ़ाई के लिए कड़ा समय-सारिणी तैयार की और नियमित रूप से पढ़ाई की। तैयारी के दौरान उन्होंने एनसीईआरटी की पुस्तकों को बार-बार पढ़ने के साथ रोजाना अखबारों से समसामयिक घटनाओं की जानकारी जुटाई और मॉक टेस्ट का अभ्यास किया।

विकास का मानना है कि केबीसी की तैयारी के दौरान विकसित हुई उनकी याददाश्त और चीजों को बारीकी से देखने की क्षमता ने यूपीएससी की तैयारी में भी मदद की। इसी तैयारी के दम पर उन्होंने पहली कोशिश में ही 159वीं रैंक हासिल कर ली।

युवाओं के लिए क्या है सीख

विकास पंवार की कहानी यह बताती है कि किसी भी क्षेत्र में हासिल किया गया ज्ञान आगे की सफलता की नींव बन सकता है। केबीसी में अपनी जानकारी के दम पर 50 लाख रुपये जीतने के बाद उन्होंने उसी ज्ञान और अनुशासन को यूपीएससी की तैयारी में इस्तेमाल किया और महज 22 साल की उम्र में सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की।

 

एक नज़र