ऑफिस के बाद की ये 6 आदतें बना देती हैं रिश्तों में खामोश दीवार, समय रहते बदलना है जरूरी
नई दिल्ली। दिनभर की भागदौड़, टारगेट्स और ऑफिस प्रेशर के बाद हर कोई घर आकर सुकून चाहता है, लेकिन अक्सर अनजाने में अपनाई गई कुछ आदतें रिश्तों में दूरी पैदा करने लगती हैं। कई बार कपल्स को यह भी अहसास नहीं होता कि रोजमर्रा की छोटी-छोटी गलतियां धीरे-धीरे भावनात्मक जुड़ाव को कमजोर कर रही हैं। अगर आपको भी लग रहा है कि ऑफिस के बाद पार्टनर से बातचीत कम होती जा रही है या अपनापन घट रहा है, तो इसकी वजह ये आदतें हो सकती हैं।
घर पहुंचते ही मोबाइल में उलझ जाना
ऑफिस से लौटते ही फोन उठाकर सोशल मीडिया या वीडियो में खो जाना आज की सबसे आम समस्या बन गई है। जब पार्टनर की मौजूदगी में आपका पूरा ध्यान स्क्रीन पर होता है, तो सामने वाले को यह महसूस होता है कि वह आपकी प्राथमिकता नहीं है। यह आदत धीरे-धीरे भावनात्मक दूरी बढ़ा देती है।
ऑफिस का तनाव घर तक ले आना
काम का दबाव, बॉस की डांट या अधूरे टास्क का गुस्सा अक्सर घर पहुंचते ही बाहर आ जाता है। ऐसे में पार्टनर से छोटी-सी बात पर भी चिड़चिड़ापन दिखाना रिश्ते में नेगेटिविटी बढ़ाता है। घर को तनावमुक्त जगह बनाने के बजाय जब वह भी ऑफिस जैसा लगने लगे, तो बातचीत कम होने लगती है।
एक-दूसरे से दिन का हाल न पूछना
लंबे समय तक साथ रहने के बाद कई कपल्स यह मान लेते हैं कि सब कुछ अपने आप ठीक है। धीरे-धीरे “आज दिन कैसा रहा” जैसी छोटी बातचीत भी बंद हो जाती है। यही छोटी बातें रिश्ते में भावनात्मक जुड़ाव बनाए रखती हैं, इनके बिना खामोशी हावी होने लगती है।
घर के कामों को लेकर तुरंत शिकायत करना
ऑफिस से आते ही घर की अव्यवस्था या अधूरे कामों पर शिकायत शुरू कर देना माहौल खराब कर देता है। थके हुए मन को सुकून की जरूरत होती है, न कि तानों और बहस की। लगातार शिकायतें रिश्ते में चिड़चिड़ापन और दूरी बढ़ाती हैं।
डिनर के समय भी ऑफिस से जुड़े रहना
कुछ लोग घर पर होने के बावजूद मानसिक रूप से ऑफिस में ही रहते हैं। खाने की टेबल पर भी लैपटॉप या फोन में ईमेल और कॉल्स में उलझे रहना पार्टनर को यह संकेत देता है कि काम उनसे ज्यादा अहम है। यह आदत धीरे-धीरे रिश्ते में उपेक्षा की भावना पैदा करती है।
मी टाइम के नाम पर पूरी तरह अलग-थलग हो जाना
ऑफिस के बाद खुद के लिए थोड़ा समय निकालना गलत नहीं है, लेकिन अगर यह आदत पार्टनर से पूरी तरह कट जाने में बदल जाए, तो अकेलापन बढ़ने लगता है। मी टाइम और कपल टाइम के बीच संतुलन न होने से रिश्ता कमजोर पड़ सकता है।
रिश्तों को मजबूत रखने के लिए बड़े सरप्राइज या महंगे तोहफों की नहीं, बल्कि समय, ध्यान और समझदारी की जरूरत होती है। ऑफिस के बाद की इन आदतों में छोटा-सा बदलाव भी रिश्ते में फिर से अपनापन और गर्माहट ला सकता है।
