पेशाब की पतली या कमजोर धार को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, शरीर की इन बीमारियों का हो सकता है संकेत

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अक्सर लोग पेशाब की धार कमजोर होने या पतली आने जैसी समस्या को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। कई लोग इसे बढ़ती उम्र, थकान या अस्थायी शारीरिक कमजोरी से जोड़कर ज्यादा ध्यान नहीं देते। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अगर बार-बार पेशाब शुरू करने में देर लगे, धार पतली हो जाए या यूरिन धीरे-धीरे आए, तो यह शरीर में किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है। ऐसी स्थिति में समय रहते कारण को समझना बेहद जरूरी हो जाता है। यदि यह समस्या लंबे समय तक बनी रहे, तो इसे हल्के में लेना सही नहीं माना जाता।

कब समझें कि स्थिति सामान्य नहीं है?

कुछ लोगों को पेशाब शुरू करने में काफी समय लगने लगता है। कई बार ऐसा भी महसूस होता है कि मूत्राशय पूरी तरह खाली नहीं हुआ है। इसके अलावा कुछ मामलों में पेशाब की धार बहुत धीमी हो जाती है या रुक-रुक कर आती है। अगर इस तरह के लक्षण लगातार दिखाई दे रहे हैं, तो यह शरीर में किसी अंदरूनी परेशानी का संकेत हो सकता है और ऐसे में चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी हो जाता है।

पुरुषों में प्रोस्टेट बढ़ने से हो सकती है समस्या

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक बढ़ती उम्र के पुरुषों में पेशाब की कमजोर धार का एक सामान्य कारण प्रोस्टेट ग्रंथि का आकार बढ़ना होता है। प्रोस्टेट मूत्र नली के आसपास मौजूद होती है। जब इसका आकार बढ़ जाता है, तो यह यूरिन के रास्ते पर दबाव बना सकती है। इससे पेशाब की धार कमजोर हो जाती है या यूरिन धीरे-धीरे आने लगता है। आमतौर पर 40 से 50 वर्ष की उम्र के बाद पुरुषों में यह समस्या अधिक देखने को मिलती है।

ब्लैडर की कमजोरी भी बन सकती है वजह

कुछ मामलों में यह समस्या प्रोस्टेट से नहीं बल्कि मूत्राशय की कार्यक्षमता से जुड़ी होती है। यदि मूत्राशय ठीक तरीके से सिकुड़ नहीं पाता, तो पेशाब पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाता और उसका प्रवाह कमजोर हो सकता है। डॉक्टरों के अनुसार यह परेशानी नसों से जुड़ी बीमारियों, डायबिटीज या रीढ़ की हड्डी से संबंधित समस्याओं के कारण भी हो सकती है।

यूरिन के रास्ते में रुकावट से भी घट सकता है फ्लो

कई बार पेशाब के रास्ते में किसी तरह की रुकावट भी इस समस्या का कारण बन सकती है। उदाहरण के तौर पर मूत्राशय की पथरी, यूरिनरी ट्रैक्ट में सूजन या मूत्र नली में किसी प्रकार का अवरोध पेशाब के फ्लो को प्रभावित कर सकता है। ऐसी स्थिति में यूरिन धीरे-धीरे आता है या बीच-बीच में रुक सकता है।

अगर लंबे समय से पेशाब की धार कमजोर महसूस हो रही है या पेशाब करने में कठिनाई हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। समय पर जांच और सही इलाज से इस समस्या को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।

 

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