किडनी को रखना है हेल्दी? जूते घर के बाहर छोड़ने से लेकर पानी पीने तक—ये आदतें बनाएं आपकी बॉडी का ‘नेचुरल फिल्टर’ मजबूत
घर की साफ-सफाई सिर्फ दिखावे तक सीमित नहीं होती, इसका सीधा असर सेहत पर पड़ता है। खासतौर पर किडनी जैसे अहम अंग को स्वस्थ रखने के लिए हमारी रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतें बेहद मायने रखती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, बाहर के जूते-चप्पल घर के अंदर लाना कई तरह के बैक्टीरिया को न्योता दे सकता है, जो शरीर में संक्रमण और किडनी से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकते हैं।
जूते-चप्पल से घर में पहुंचते हैं खतरनाक बैक्टीरिया
रिसर्च के मुताबिक फुटवियर के तलवों पर लाखों बैक्टीरिया मौजूद हो सकते हैं, जिनमें ई. कोलाई जैसे खतरनाक कीटाणु भी शामिल हैं। ये बैक्टीरिया घर के फर्श के जरिए शरीर में प्रवेश कर एलर्जी, खांसी, पेट की गड़बड़ी और त्वचा संबंधी समस्याओं को बढ़ा सकते हैं। नमी और गंदगी का मेल इन बैक्टीरिया को और तेजी से फैलने का मौका देता है।
किडनी और यूटीआई का बढ़ सकता है खतरा
विशेषज्ञ बताते हैं कि ई. कोलाई जैसे बैक्टीरिया यूरिन इंफेक्शन (यूटीआई) और किडनी संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ा सकते हैं। ऐसे में घर में साफ-सफाई बनाए रखना और बाहर के जूते अंदर न लाना एक जरूरी सावधानी बन जाती है।
लाइफस्टाइल में बदलाव से मिलेगा फायदा
किडनी को स्वस्थ रखने के लिए नियमित व्यायाम, संतुलित वजन, धूम्रपान से दूरी और जंक फूड से परहेज जरूरी है। इसके अलावा बिना जरूरत पेनकिलर दवाइयों का सेवन भी किडनी पर असर डाल सकता है, इसलिए डॉक्टर की सलाह के बिना इन्हें लेने से बचना चाहिए।
पानी पीना है सबसे जरूरी
पर्याप्त मात्रा में पानी पीना किडनी के लिए बेहद फायदेमंद होता है। शरीर में पानी की कमी होने पर यूरिन प्रक्रिया प्रभावित होती है, जिससे बैक्टीरिया बाहर नहीं निकल पाते और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
घरेलू उपाय भी आ सकते हैं काम
किडनी को मजबूत बनाने के लिए कुछ पारंपरिक उपाय भी अपनाए जाते हैं, जैसे सुबह नीम के पत्तों का रस और शाम को पीपल के पत्तों का रस लेना। वहीं, भुट्टे के बाल उबालकर उसका पानी पीना किडनी स्टोन और यूटीआई में सहायक माना जाता है।
सावधानी ही है सबसे बड़ा बचाव
पुरानी परंपराएं जैसे घर में जूते न पहनना सिर्फ रिवाज नहीं, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टि से भी फायदेमंद है। छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर किडनी और शरीर दोनों को स्वस्थ रखा जा सकता है।
