होर्मुज स्ट्रेट पर समर्थन को लेकर ट्रंप की NATO सहयोगियों को चेतावनी, बोले– मदद नहीं मिली तो गठबंधन का भविष्य होगा ‘बहुत बुरा’

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर अटलांटिक सैन्य गठबंधन के भविष्य को लेकर कड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने साफ संकेत दिया कि यदि सदस्य देश होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित बनाए रखने में सहयोग नहीं करते हैं, तो इस सैन्य गठबंधन का भविष्य गंभीर संकट में पड़ सकता है। रविवार को प्रकाशित एक अंतरराष्ट्रीय अखबार को दिए टेलीफोन साक्षात्कार में उन्होंने यूरोपीय सहयोगी देशों को इस रणनीतिक समुद्री मार्ग की सुरक्षा को लेकर सीधा संदेश दिया।

‘जो लाभ लेते हैं, वही सुरक्षा में हाथ बटाएं’

साक्षात्कार के दौरान ट्रंप ने कहा कि जो देश इस समुद्री मार्ग से आर्थिक और ऊर्जा संबंधी लाभ उठाते हैं, उन्हें इसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी साझा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह बिल्कुल उचित है कि जो देश इस मार्ग से फायदा उठाते हैं, वे यह सुनिश्चित करने में मदद करें कि वहां कोई खतरा पैदा न हो। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर सहयोगी देशों की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं आती है या सहयोग से इनकार किया जाता है, तो इसका असर इस सैन्य गठबंधन के भविष्य पर पड़ सकता है।

यूक्रेन युद्ध का उदाहरण देकर सहयोगियों को याद दिलाया समर्थन

ट्रंप ने रूस के साथ संघर्ष के दौरान यूक्रेन को दी गई अमेरिकी सहायता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस समय अमेरिका को किसी मजबूरी में यूक्रेन की मदद नहीं करनी पड़ी थी, लेकिन फिर भी सहयोग किया गया। अब यह देखने का समय है कि सहयोगी देश अमेरिका की मदद के लिए कितने तैयार रहते हैं। ट्रंप ने कहा कि लंबे समय से अमेरिका अपने सहयोगियों के लिए खड़ा रहा है, लेकिन कई बार ऐसा लगता है कि वही देश अमेरिका के लिए उतनी मजबूती से खड़े नहीं होते।

किस तरह की मदद की उम्मीद कर रहे हैं ट्रंप

जब उनसे यह पूछा गया कि सहयोगी देशों से किस प्रकार की सहायता अपेक्षित है, तो उन्होंने संकेत दिया कि जो भी कदम जरूरी हों, वे उठाए जाने चाहिए। इसमें समुद्री मार्ग की सुरक्षा के लिए बारूदी सुरंगों को हटाने वाले जहाजों की तैनाती जैसे कदम भी शामिल हो सकते हैं।

एयरफोर्स वन में भी दोहराया संदेश

राष्ट्रपति ट्रंप ने एयरफोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान भी इस मुद्दे पर अपनी बात दोहराई। उन्होंने कहा कि अमेरिका हमेशा अपने सहयोगियों के लिए खड़ा रहता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन सा देश इस छोटे से प्रयास में सहयोग नहीं करता, जिसका उद्देश्य केवल इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को खुला रखना है। ट्रंप ने यह भी कहा कि सहयोगी देश ईरानी तट से उत्पन्न होने वाले संभावित खतरों को निष्क्रिय करने में भी मदद कर सकते हैं, जिनमें समुद्री बारूदी सुरंगें और ड्रोन गतिविधियां शामिल हैं।

ब्रिटेन को लेकर भी जताई नाराजगी

हाल ही में ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की ओर से की गई सैन्य कार्रवाई को ब्रिटेन से तत्काल समर्थन नहीं मिलने पर ट्रंप ने नाराजगी भी जताई। उन्होंने ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के साथ हुई बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि ब्रिटेन को अक्सर अमेरिका का सबसे पुराना और प्रमुख सहयोगी माना जाता है, लेकिन जब उनसे समर्थन के लिए कहा गया तो वे आगे आने को तैयार नहीं थे।

 

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