UP Election 2027: SIR विवाद से चुनावी नुकसान की आशंका खारिज कर रही BJP, जनता के बीच जाने का बनाया प्लान

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मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्ष के विरोध के बीच भाजपा ने अपनी रणनीति तैयार कर ली है। पार्टी अब इस मुद्दे पर जनता के बीच जाकर चुनाव आयोग की प्रक्रिया का पक्ष रखेगी और विपक्ष के आरोपों का जवाब देगी। भाजपा का मानना है कि SIR को लेकर विपक्ष के प्रदर्शन का आगामी विधानसभा चुनावों पर नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। पार्टी लोगों को बताएगी कि चुनाव आयोग की ओर से अपनाई गई प्रक्रिया कानून के अनुरूप है और इसे पहले से चली आ रही नीतियों के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है।

SIR पर विपक्ष के आरोपों का जनता के बीच जवाब देगी BJP

SIR के मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों ने मोर्चा खोल रखा है। विपक्ष इस प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहा है और विरोध प्रदर्शन कर रहा है। इसके जवाब में भाजपा देशभर में कार्यक्रमों के जरिए लोगों तक पहुंचने की तैयारी कर रही है।

पार्टी की योजना है कि जनता के सामने तथ्यों के साथ अपनी बात रखी जाए और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर फैल रहे कथित भ्रम को दूर किया जाए। भाजपा का दावा है कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया कानून के खिलाफ नहीं है और विपक्ष इस मुद्दे पर लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है।

अमित शाह ने कांग्रेस और विपक्ष पर साधा निशाना

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि विपक्ष के अराजकतावादी रवैये का जनता जवाब देगी। शाह ने आगामी लोकसभा चुनाव में भी भाजपा की बड़ी जीत का दावा किया।

इसके बाद पार्टी ने संगठन स्तर पर SIR को लेकर विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की तैयारी तेज कर दी है। भाजपा के नेता अब इस मुद्दे पर जनता के बीच जाकर अपनी बात रखने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों पर नजर

भाजपा का मानना है कि SIR के खिलाफ विपक्ष के अभियान का अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में खास असर नहीं पड़ेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, अगले साल की शुरुआत में उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में चुनाव होने हैं। इनमें उत्तर प्रदेश समेत चार राज्यों में भाजपा दोबारा सत्ता में आने की कोशिश करेगी, जबकि पंजाब में पार्टी सरकार बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।

इसके अलावा साल के अंत में गुजरात और हिमाचल प्रदेश में भी विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में SIR को लेकर जारी विवाद के बीच भाजपा के लिए जनता के बीच अपनी स्थिति स्पष्ट करना अहम माना जा रहा है।

बिहार चुनाव का उदाहरण दे रही भाजपा

भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक, चुनावी राज्यों में विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे मुद्दों का खास असर दिखाई नहीं दे रहा है। पार्टी बिहार विधानसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कह रही है कि वहां कांग्रेस ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को प्रमुख मुद्दा बनाया था, लेकिन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने भारी बहुमत से जीत हासिल की।

भाजपा इस नतीजे को अपने पक्ष में रखते हुए दावा कर रही है कि SIR के खिलाफ विपक्ष का अभियान अपने आप में चुनावी नुकसान की वजह नहीं बनेगा। हालांकि, आगामी चुनावों में इस मुद्दे का वास्तविक प्रभाव मतदाताओं की प्रतिक्रिया और चुनावी परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

दिल्ली में प्रदर्शनों को लेकर सरकार का रुख

रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में हो रहे प्रदर्शनों को लेकर सरकार का कहना है कि CJP को विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई थी, क्योंकि 20 जुलाई को उसका प्रदर्शन हिंसक हो गया था और शांतिपूर्ण विरोध की शर्त का उल्लंघन हुआ था।

सरकार ने लोगों और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात कही है। रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में तैनात अतिरिक्त सुरक्षा बलों को हालात सामान्य होने तक बनाए रखने का फैसला भी किया गया है।

फिलहाल, SIR को लेकर भाजपा और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव जारी है। भाजपा इस मुद्दे पर जनता के बीच जाकर चुनाव आयोग की प्रक्रिया का बचाव करने की तैयारी में है, जबकि विपक्ष इसे चुनावी पारदर्शिता और मताधिकार से जुड़ा सवाल बता रहा है। आगामी विधानसभा चुनावों में यह विवाद कितना प्रभाव डालेगा, इसका आकलन चुनावी नतीजों के बाद ही हो सकेगा।

 

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