नेपाल में 5 मार्च को मतदान, भारत-नेपाल बॉर्डर पर हाई अलर्ट; पिपरौन-जटही चेकपोस्ट पर सघन जांच

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हरलाखी (मधुबनी)। पड़ोसी व मित्र राष्ट्र नेपाल में 5 मार्च को प्रस्तावित प्रतिनिधि सभा चुनाव को लेकर भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। एसएसबी की 48वीं वाहिनी ने हाई अलर्ट जारी करते हुए सीमा क्षेत्र में निगरानी और जांच को और सख्त कर दिया है।

मुख्य और पगडंडी मार्गों पर संयुक्त गश्त

सीमा सुरक्षा बल (SSB) के जवान भारत-नेपाल के बीच आवागमन के सभी मुख्य मार्गों पर चौकसी बरत रहे हैं। इसके साथ ही पगडंडी रास्तों पर भी दोनों देशों के सुरक्षाबल संयुक्त रूप से लगातार गश्ती कर रहे हैं। गश्त के दौरान सीमा स्तंभों की स्थिति की जांच और संभावित अवैध गतिविधियों पर रोक को लेकर समन्वय बैठकें भी की गईं।

पिपरौन-जटही चेकपोस्ट पर सख्ती

भारत-नेपाल के बीच प्रमुख मार्ग पिपरौन-जटही चेकपोस्ट पर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। सीमा पार करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के पहचान पत्र की बारीकी से जांच की जा रही है। बिना वैध पहचान पत्र के किसी को भी आवागमन की अनुमति नहीं दी जा रही।

राहगीरों से यात्रा के उद्देश्य के संबंध में पूछताछ की जा रही है, वहीं वाहनों की भी गहन जांच की जा रही है। सभी आवश्यक दस्तावेजों की पुष्टि के बाद ही वाहनों को प्रवेश की अनुमति दी जा रही है।

सामान की एक्सरे जांच, कैमरों से निगरानी

सीमा पार ले जाए जा रहे सामान की जांच एक्सरे मशीनों से की जा रही है। संवेदनशील पगडंडी मार्गों पर भी नियमित गश्ती जारी है, ताकि अवैध गतिविधियों और घुसपैठ पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके।

सशस्त्र सीमा बल की 48वीं वाहिनी के कमांडेंट गोविंद सिंह भंडारी ने बताया कि चुनाव के मद्देनजर रूटीन चेकिंग के साथ विशेष चौकसी बरती जा रही है। निगरानी के लिए आधुनिक उपकरणों और कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सीमा पर किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और चुनाव प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

 

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