Saudi Arabia में खजूर को क्या कहते हैं? नाम जानकर चौंक जाएंगे, रमज़ान में क्यों है खास अहमियत
नई दिल्ली। माह-ए-रमज़ान में सहरी और इफ्तार के दौरान खजूर का सेवन एक अहम परंपरा मानी जाती है। भारत समेत कई देशों में लोग इसे ‘खजूर’ के नाम से जानते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सऊदी अरब में इसे किस नाम से पुकारा जाता है? स्थानीय अरबी भाषा में खजूर को अलग-अलग अवस्थाओं के अनुसार अलग नामों से जाना जाता है, जो आम लोगों को शायद ही पता हो।
सऊदी अरब में खजूर का स्थानीय नाम क्या है?
सऊदी अरब में खजूर को आमतौर पर ‘तम्र’ (Tamr) और ‘रुताब’ (Rutabb) कहा जाता है। ‘रुताब’ उस अवस्था को कहा जाता है जब खजूर ताजा और मुलायम होता है, जबकि पूरी तरह पककर सूख जाने पर उसे ‘तम्र’ कहा जाता है। यही शब्द स्थानीय बाजारों और घरों में इस्तेमाल होते हैं। यानी वहां कोई ग्राहक ‘खजूर’ नहीं बल्कि ‘तम्र’ या ‘रुताब’ मांगता है।
दुनिया का बड़ा उत्पादक, 300 से ज्यादा किस्में
सऊदी अरब दुनिया में खजूर का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश माना जाता है। यहां 300 से अधिक किस्मों के खजूर पाए जाते हैं, जिनका स्वाद, रंग और बनावट अलग-अलग होती है। रिपोर्ट्स के अनुसार अल-मदीना अल-मुनव्वरा को देश में खजूर उत्पादन का प्रमुख केंद्र माना जाता है।
लोकप्रिय किस्मों में अजवा, सक्कारी, मक्तूम और खुदरी शामिल हैं, जिनकी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी मांग रहती है।
राष्ट्रीय मिठाई में भी खजूर की अहम भूमिका
साल 2023 की शुरुआत में ‘मकशुश’ को सऊदी अरब की राष्ट्रीय मिठाई के रूप में चुना गया। ‘मकशुश’ खजूर, सूखे लबान (इक़्त) और घी के मिश्रण से तैयार की जाती है। यह खास तौर पर अल-अरिद और सुदैर क्षेत्रों में लोकप्रिय है। प्रस्तुति में थोड़े बदलाव हो सकते हैं, लेकिन इसकी मुख्य सामग्री समान रहती है।
रमज़ान के दौरान खजूर न सिर्फ धार्मिक परंपरा का हिस्सा है, बल्कि यह ऊर्जा का भी प्रमुख स्रोत माना जाता है। यही वजह है कि इफ्तार की शुरुआत खजूर से करना एक स्थापित परंपरा बन चुकी है।
