शिवा शर्मा के मोबाइल में ‘माई डायरी’ फाइल से खुलेंगे राज? श्रद्धा दुबे के खिलाफ सबूत होने का मां का दावा, CM योगी से मिलेंगी रंजना
‘श्रद्धा को जेल भेजने के लिए आखिरी सांस तक लड़ूंगी’
शिवा की मौत से दुखी रंजना ने कहा कि उनका अब एक ही मकसद है कि मामले में न्याय मिले और श्रद्धा को जेल भेजा जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रद्धा अपनी सफाई में वीडियो प्रसारित कर रही हैं, लेकिन उनके पास ऐसे साक्ष्य हैं जिनसे मामले की जांच में मदद मिल सकती है। रंजना ने कहा कि वह जल्द ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर न्याय की गुहार लगाएंगी। इस संबंध में उन्होंने क्षेत्रीय भाजपा विधायक नीरज बोरा को पत्र भी दिया है।
मोबाइल की ‘माई डायरी’ फाइल में सबूत होने का दावा
रंजना के अनुसार, शिवा अपने मोबाइल में ‘माई डायरी’ नाम से एक फाइल रखता था। इसमें वह अपनी दिनचर्या और दिनभर की घटनाएं लिखता था। उनका दावा है कि इसी मोबाइल में श्रद्धा से जुड़े कथित आपत्तिजनक तथ्यों का विवरण भी मौजूद है। उन्होंने बताया कि फोन पुलिस को सौंप दिया गया है और अब जांच एजेंसियों को इसकी पड़ताल कर जरूरी साक्ष्य जुटाने चाहिए।
ऑडियो रिकॉर्डिंग और ब्लैकमेलिंग के भी लगाए आरोप
शिवा की मां ने दावा किया कि श्रद्धा का एक ऑडियो पहले भी प्रसारित हुआ था, जिसमें कथित तौर पर वह शिवा पर दबाव बनाती और उसे धमकाती सुनाई देती हैं। रंजना ने आरोप लगाया कि श्रद्धा उनके बेटे को लगातार ब्लैकमेल कर रही थीं और इसी दबाव के बीच उसकी हत्या की साजिश रची गई। हालांकि, ये सभी आरोप रंजना की ओर से लगाए गए हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों से ही हो सकेगी।
कर्ज को लेकर भी मां ने दी सफाई
शिवा पर कर्ज होने की बात को लेकर रंजना ने कहा कि उनका परिवार कारोबारी है और कर्ज होना अपने आप में कोई असामान्य बात नहीं है। उनके मुताबिक, शिवा कर्ज चुकाने के लिए अपनी कार तक गिरवी रखने की कोशिश कर रहा था। उन्होंने सवाल उठाया कि इस बात को लेकर श्रद्धा को क्या परेशानी थी। रंजना ने कहा कि उन्हें पुलिस और सरकार पर भरोसा है और वह मामले में न्याय मिलने की उम्मीद कर रही हैं।
पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल
रंजना ने मामले में पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि घटना के करीब 10 दिन बाद भी श्रद्धा या अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी। उनका दावा है कि श्रद्धा लखनऊ से नेपाल गईं और फिर वापस लखनऊ आ गईं, लेकिन पुलिस उन्हें पकड़ नहीं सकी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि वीडियो प्रसारित होने के बावजूद गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई। ये बातें उन्होंने अपनी ओर से कही हैं; मामले में पुलिस की आधिकारिक जांच की स्थिति अलग से स्पष्ट होना जरूरी है।
शिवा की मौत से पहले मंदिर में हुई थी मुलाकात
रंजना ने बताया कि शिवा की मौत से करीब 15 से 20 दिन पहले वह हजरतगंज स्थित हनुमान मंदिर में श्रद्धा से मिली थीं। उस दौरान उन्होंने श्रद्धा से पहचान पत्र मांगा था। रंजना के मुताबिक, श्रद्धा ने उनसे पूछा कि उन्हें पहचान पत्र क्यों चाहिए। इस पर उन्होंने कहा था कि श्रद्धा उनके बेटे की मित्र हैं, इसलिए उनकी पहचान संबंधी जानकारी उनके पास होनी चाहिए। रंजना का दावा है कि श्रद्धा ने उस समय पहचान पत्र नहीं दिया था।
शिवा का दूसरा मोबाइल फोन अब भी गायब
रंजना के अनुसार, शिवा के पास दो मोबाइल फोन थे। घटना के बाद एक फोन मिला, जिसे उन्होंने पुलिस को सौंप दिया। हालांकि, उनका दावा है कि दूसरा मोबाइल अब तक नहीं मिला है और उसमें भी श्रद्धा के खिलाफ अहम साक्ष्य हो सकते हैं। उन्होंने पुलिस से दूसरे फोन की तलाश करने की मांग की है। अब इस मामले में मोबाइल फोन से मिलने वाले संभावित डिजिटल साक्ष्य और पुलिस की जांच आगे की कार्रवाई के लिहाज से अहम माने जा रहे हैं।
