WhatsApp New Feature: बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा होगी और मजबूत, पेरेंट्स रख सकेंगे नजर; जानिए कैसे करेगा काम नया सिस्टम
नई दिल्ली: दुनियाभर में करोड़ों यूजर्स के भरोसेमंद मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp एक बार फिर बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। इस बार कंपनी का फोकस नाबालिग यूजर्स की सेफ्टी पर है। लेटेस्ट रिपोर्ट्स के मुताबिक, WhatsApp एक ऐसे नए फीचर की टेस्टिंग कर रहा है, जिससे माता-पिता अपने बच्चों के अकाउंट की प्राइवेसी और इंटरैक्शन पर बेहतर नियंत्रण रख सकेंगे। यह फीचर खासतौर पर 18 साल से कम उम्र के यूजर्स को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जा रहा है।
WABetaInfo ने किया नए फीचर का खुलासा
WhatsApp फीचर ट्रैकर WABetaInfo की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी “Secondary Accounts” नाम का एक नया सिस्टम विकसित कर रही है। फिलहाल यह फीचर डेवलपमेंट स्टेज में है और आने वाले समय में Android बीटा वर्जन पर अलग-अलग रीजन में टेस्टिंग के लिए उपलब्ध हो सकता है। इसके बाद इसे स्टेबल वर्जन में रोलआउट किया जाएगा।
क्या है Secondary Account सिस्टम?
Secondary Accounts को बच्चों और किशोरों के लिए तैयार किया जा रहा है। इस सिस्टम के तहत बच्चे का अकाउंट एक Primary Account से लिंक होगा, जो माता-पिता या अभिभावक का हो सकता है। दोनों अकाउंट्स एक खास लिंकिंग प्रोसेस के जरिए जुड़े रहेंगे, जिससे पेरेंट्स बच्चे की कुछ जरूरी सेटिंग्स को आसानी से मैनेज कर पाएंगे।
पेरेंट्स को मिलेंगे खास प्राइवेसी कंट्रोल
रिपोर्ट्स के मुताबिक, Primary Account के जरिए माता-पिता बच्चे के अकाउंट की कई प्राइवेसी सेटिंग्स को कंट्रोल कर सकेंगे। इसमें यह तय करना शामिल होगा कि बच्चे की प्रोफाइल फोटो, लास्ट सीन और About सेक्शन कौन देख सकता है। इसके अलावा Read Receipts यानी ब्लू टिक को ऑन या ऑफ करने का विकल्प भी पेरेंट्स के पास होगा।
ग्रुप और इंटरैक्शन पर भी नजर
नए फीचर के तहत यह कंट्रोल भी मिलेगा कि बच्चे को कौन ग्रुप में ऐड कर सकता है। इससे अनजान या संदिग्ध ग्रुप्स में बच्चों के जुड़ने की संभावना कम हो जाएगी। हालांकि, WhatsApp प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए पेरेंट्स को बच्चे की चैट लिस्ट, कॉल लॉग या मैसेज का कंटेंट देखने की अनुमति नहीं देगा। उन्हें सिर्फ कुछ लिमिटेड एक्टिविटी अपडेट्स ही मिलेंगे।
कब तक आ सकता है यह फीचर?
फिलहाल WhatsApp ने इस फीचर की लॉन्च डेट को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। लेकिन माना जा रहा है कि बीटा टेस्टिंग के बाद कंपनी इसे धीरे-धीरे सभी यूजर्स के लिए रोलआउट कर सकती है।
