तीन भारतीय नाविकों की मौत पर भारत का कड़ा रुख, विदेश मंत्री ने अमेरिकी समकक्ष से की बात; राजनयिक को भी किया गया तलब
नई दिल्ली: खाड़ी क्षेत्र में हुए सैन्य हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। विदेश मंत्री ने अमेरिकी विदेश मंत्री से फोन पर बातचीत कर इस घटना पर भारत की गंभीर आपत्ति दोहराई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने वाली ऐसी घातक कार्रवाई किसी भी स्थिति में उचित नहीं मानी जा सकती।
विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया कि बातचीत के दौरान भारतीय नागरिकों की मौत का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। साथ ही समुद्री मार्गों पर चलने वाले व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
दूसरी बार अमेरिकी राजनयिक को किया गया तलब
इस घटना को लेकर भारत सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए अमेरिकी राजनयिक को दूसरी बार तलब किया। विदेश मंत्रालय ने वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों को बेहद चिंताजनक बताते हुए इस मामले पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। भारत ने स्पष्ट किया कि समुद्री क्षेत्र में नागरिक जहाजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उठे सवाल
घटना के बाद संयुक्त राष्ट्र सहित कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों और देशों ने भी इस कार्रवाई पर चिंता जताई है। वैश्विक समुद्री सुरक्षा से जुड़े संगठन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नौवहन और समुद्र में कार्यरत लोगों की सुरक्षा से जुड़े नियमों का हर परिस्थिति में सम्मान किया जाना चाहिए। संगठन ने नाविकों की जान जोखिम में डालने वाली किसी भी कार्रवाई की आलोचना की है।
संगठन के महासचिव ने मृत नाविकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को प्रभावित करने वाली घटनाएं स्वीकार्य नहीं हैं और ऐसी घटनाओं से बचना जरूरी है।
हमले में तीन भारतीय नाविकों की गई जान
कुछ दिन पहले ओमान तट के पास एक टैंकर पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी। जहाज पर कुल 24 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे। इनमें से 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि तीन नाविकों के मृत होने की पुष्टि हुई।
मृतकों में एक डेक कैडेट, एक इंजन फिटर और एक मुख्य अभियंता शामिल थे। घटना के बाद भारत सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कूटनीतिक स्तर पर कार्रवाई शुरू की।
भारत ने हमले रोकने की मांग की
विदेश मंत्रालय ने पहले भी स्पष्ट किया था कि भारतीय चालक दल के सदस्यों को लेकर चलने वाले व्यापारिक जहाजों पर इस तरह के हमले तुरंत बंद होने चाहिए। भारत ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए संवाद और कूटनीतिक प्रयासों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया है।
अमेरिका ने दी अपनी सफाई
दूसरी ओर, अमेरिकी सेना ने अपने बयान में दावा किया कि संबंधित टैंकर को कुछ निर्देशों का पालन नहीं करने के कारण निशाना बनाया गया था। हालांकि, इस दावे के बीच भारत ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए संबंधित एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
भारत सरकार ने समुद्री सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों और नौसेना के साथ समन्वय बढ़ाने के भी निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटा जा सके।
