क्रेडिट कार्ड का बिल नहीं चुकाया तो क्या सीधे जेल जाना पड़ेगा? जानिए पूरा नियम और सच्चाई
नई दिल्ली। आज के दौर में क्रेडिट कार्ड लोगों की रोजमर्रा की जरूरत बन चुका है। शॉपिंग हो, ऑनलाइन पेमेंट या इमरजेंसी खर्च, हर जगह क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है। रिवॉर्ड पॉइंट, कैशबैक और बाद में भुगतान की सुविधा इसे और आकर्षक बनाती है। लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह डर रहता है कि अगर किसी महीने क्रेडिट कार्ड का बिल नहीं भर पाए तो क्या उन्हें जेल हो सकती है? आइए जानते हैं इस सवाल का पूरा जवाब और इससे जुड़े नियम।
बिल न भरने पर क्या तुरंत जेल होती है?
अगर आपने समय पर क्रेडिट कार्ड का बिल नहीं चुकाया है तो सिर्फ इसी वजह से आपको न तो जेल होती है और न ही पुलिस आपको गिरफ्तार करती है। क्रेडिट कार्ड से जुड़ा मामला सिविल डिस्प्यूट की कैटेगरी में आता है, न कि क्रिमिनल केस में। यानी यह लेन-देन का विवाद माना जाता है, अपराध नहीं।
बिल नहीं चुकाने पर सबसे पहले क्या होता है?
क्रेडिट कार्ड का भुगतान तय तारीख तक न करने पर बैंक या फाइनेंशियल कंपनी सबसे पहले आपको रिमाइंडर भेजती है। ये रिमाइंडर SMS, ईमेल और कॉल के जरिए आते हैं। इसके साथ ही लेट फीस और ब्याज भी लगना शुरू हो जाता है, जिससे आपका बकाया तेजी से बढ़ सकता है।
रिकवरी एजेंट और कोर्ट तक कैसे पहुंचता है मामला?
अगर लगातार बिल नहीं चुकाया जाता है, तो बैंक रिकवरी एजेंट के जरिए संपर्क करता है। इसके बाद भी भुगतान न होने पर बैंक सिविल कोर्ट का सहारा ले सकता है। यहां मामला वसूली से जुड़ा होता है।
हालांकि, अगर कोर्ट में यह साबित हो जाए कि किसी व्यक्ति ने जानबूझकर धोखाधड़ी की है, यानी शुरुआत से ही भुगतान करने की मंशा नहीं थी, तो ऐसी स्थिति में अलग कानूनी कार्रवाई हो सकती है। लेकिन यह जेल सिविल विवाद की वजह से नहीं, बल्कि धोखाधड़ी जैसे अपराध के तहत होती है।
30 फीसदी नियम से कैसे बचा जा सकता है संकट?
फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स क्रेडिट कार्ड यूजर्स को 30 फीसदी नियम अपनाने की सलाह देते हैं। इसका मतलब है कि अगर आपके कार्ड की लिमिट 1 लाख रुपये है, तो आपको 30 हजार रुपये से ज्यादा खर्च नहीं करना चाहिए। इससे बिल चुकाने का दबाव नहीं बनता और क्रेडिट स्कोर भी सुरक्षित रहता है।
समझदारी से इस्तेमाल ही सबसे बड़ा बचाव
क्रेडिट कार्ड एक सुविधा है, लेकिन लापरवाही इसे बड़ी परेशानी में बदल सकती है। समय पर बिल चुकाना, लिमिट में खर्च करना और जरूरत से ज्यादा कार्ड का इस्तेमाल न करना ही आपको आर्थिक संकट और कानूनी झंझट से दूर रख सकता है।
