राम मंदिर में पुजारियों की संख्या बढ़कर 22 हुई, दो नए पुजारियों की नियुक्ति; रामलला सेवा के लिए नया रोस्टर जारी

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अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में पूजा व्यवस्था को और मजबूत करते हुए पुजारियों की संख्या में वृद्धि की गई है। पहले जहां 20 पुजारी कार्यरत थे, अब उनकी संख्या बढ़ाकर 22 कर दी गई है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने दो नए पुजारियों की नियुक्ति की है, जिनमें गिरधारी मिश्र और अनिल शुक्ला शामिल हैं।

प्रशिक्षण के बाद हुई नई नियुक्तियां

जानकारी के अनुसार, दोनों नए पुजारियों ने ट्रस्ट की योजना के तहत छह महीने का विशेष प्रशिक्षण पूरा किया है। इसके बाद इन्हें रामलला की सेवा में शामिल किया गया है। ट्रस्ट की ओर से अमावस्या और पूर्णिमा के आधार पर तैयार रोस्टर के अनुसार सुबह और शाम की दो टोलियों में ड्यूटी तय की गई है।

वेतन विवाद और पुजारियों की पुनर्नियुक्ति

राम मंदिर में पुजारियों की नियुक्ति प्रक्रिया पहले वेतन संबंधी विवाद के कारण सुर्खियों में रही थी। शुरुआत में 20 पुजारियों की नियुक्ति की गई थी, लेकिन बाद में कुछ पुजारियों ने शर्तों पर सहमति नहीं जताई, जिसके चलते उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं।

बाद में 16 पुजारियों ने शर्तों पर सहमति देकर पुनः सेवा में वापसी की, जबकि चार पुजारी बाहर हो गए थे। अब उन्हीं में से दो पुजारियों ने ट्रस्ट की शर्तें स्वीकार कर ली हैं और उन्हें सीधे भर्ती के तहत फिर से नियुक्त कर दिया गया है।

13 वैदिक आचार्यों की भी तैनाती

राम मंदिर परिसर में पूजा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए ट्रस्ट ने 13 वैदिक आचार्यों को भी प्रशिक्षु पुजारियों के रूप में नियुक्त किया है। ये सभी आचार्य रामलला और अन्य मंदिरों में चल रही पूजा व्यवस्था में शामिल हो चुके हैं।

इन प्रशिक्षुओं को परकोटे में स्थित छह मंदिरों में सेवा के साथ प्रशिक्षण दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि इनकी प्रशिक्षण अवधि लगभग तीन महीने तक हो सकती है।

राम मंदिर से राम ज्योति लेकर सिलीगुड़ी रवाना हुए श्रद्धालु

इसी बीच, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से राम ज्योति लेकर श्रद्धालुओं का एक दल सिलीगुड़ी के लिए रवाना हुआ। यह दल वहां राम महल में होने वाले धार्मिक अनुष्ठान और प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होगा।

इस दौरान सिलीगुड़ी में स्किल डेवलपमेंट सेंटर और माता सीता की रसोई के उद्घाटन की भी योजना है। राम ज्योति का नेपाल, बिहार, सिक्किम और दार्जिलिंग सहित कई क्षेत्रों में भ्रमण कराया जाएगा।

 

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