होर्मुज से सुरक्षित निकला भारत का 15वां LPG टैंकर, तनाव के बीच भारतीय नौसेना बनी ‘सुरक्षा कवच’
नई दिल्ली: खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और समुद्री सुरक्षा को लेकर गहराते संकट के बीच भारत के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। भारत की ऊर्जा आपूर्ति को मजबूती देते हुए 15वां एलपीजी टैंकर ‘एमवी सनशाइन’ सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर भारत की ओर रवाना हो गया है। दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्गों में शामिल इस क्षेत्र से जहाज का सुरक्षित निकलना भारत के लिए रणनीतिक और आर्थिक दोनों स्तर पर बेहद अहम माना जा रहा है।
एमवी सनशाइन की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने में भारतीय नौसेना ने अहम भूमिका निभाई। नौसेना ने टैंकर को सुरक्षा और एस्कॉर्ट उपलब्ध कराया, ताकि जहाज बिना किसी खतरे के तनावपूर्ण समुद्री क्षेत्र को पार कर सके। खाड़ी क्षेत्र में लगातार बढ़ते तनाव के बीच यह अभियान भारत की सक्रिय समुद्री रणनीति का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।
भारतीय नौसेना ने संभाला सुरक्षा मोर्चा
फारस की खाड़ी से भारत आने वाले ऊर्जा जहाजों की सुरक्षा इस समय सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे में भारतीय नौसेना लगातार समुद्री निगरानी बढ़ा रही है और रणनीतिक मार्गों पर गश्त तेज कर दी गई है। अधिकारियों के मुताबिक, एमवी सनशाइन को भी उसी विशेष सुरक्षा अभियान के तहत सुरक्षित निकाला गया।
सूत्रों का कहना है कि नौसेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियां चौबीसों घंटे समन्वय के साथ काम कर रही हैं ताकि भारतीय जहाजों और ऊर्जा आपूर्ति पर किसी तरह का असर न पड़े।
मल्टी-एजेंसी समन्वय से मिली बड़ी सफलता
सरकार के विभिन्न विभागों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच मजबूत तालमेल का असर इस पूरे अभियान में साफ दिखाई दिया। जानकारी के मुताबिक, अब तक कुल 15 एलपीजी जहाजों को फारस की खाड़ी के संवेदनशील इलाके से सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात में भारत की यह तैयारी देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर उसकी सामरिक क्षमता भी दिखाती है।
ऊर्जा आपूर्ति पर नहीं पड़ेगा असर
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में शामिल है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस की सप्लाई होती है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी तरह का तनाव सीधे वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित कर सकता है।
अधिकारियों के अनुसार, एमवी सनशाइन अब पूरी तरह सुरक्षित मार्ग पर है और भारत की ओर बढ़ रहा है। सरकार और नौसेना दोनों यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि देश की ऊर्जा आपूर्ति किसी भी परिस्थिति में बाधित न हो।
दुनिया को भारत का स्पष्ट संदेश
भारतीय नौसेना की सक्रियता और लगातार सफल अभियानों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत अपनी ऊर्जा लाइफलाइन की सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं करेगा। चुनौतीपूर्ण हालात के बावजूद समुद्री मार्गों को सुरक्षित बनाए रखना इस समय भारत की सबसे बड़ी रणनीतिक प्राथमिकताओं में शामिल है।
