पीएम मोदी की अपील का असर, बुलेट पर सवार होकर विधानसभा पहुंचे सीएम फडणवीस; महाराष्ट्र सरकार ने 6 महीने तक बड़े कार्यक्रमों पर लगाई रोक
मुंबई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत और सादगी अपनाने की अपील का असर अब राज्यों में भी साफ दिखाई देने लगा है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को उस वक्त सबको चौंका दिया, जब वह रॉयल एनफील्ड 350 बाइक पर सवार होकर विधान भवन पहुंचे। उनके साथ राज्य के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री आशीष शेलार और सुरक्षा टीम के सदस्य भी दोपहिया वाहनों पर नजर आए। मुख्यमंत्री का यह कदम अब राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील देशहित में है और उसका संदेश आम जनता तक पहुंचे, इसी उद्देश्य से उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से मोटरसाइकिल से विधान भवन पहुंचने का फैसला लिया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने अपने आधिकारिक काफिलों का आकार भी कम कर दिया है।
ईंधन बचत और सादगी का दिया संदेश
मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि देश के सामने मौजूद परिस्थितियों को देखते हुए ईंधन बचत बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब राजनीतिक नेतृत्व खुद ऐसे कदम उठाता है, तो उसका सकारात्मक संदेश समाज तक पहुंचता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार की ओर से अनावश्यक खर्चों में कटौती की दिशा में कई फैसले लिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि सभी मंत्रियों के काफिलों में वाहनों की संख्या कम की गई है। इसके साथ ही विदेश यात्राओं पर भी नियंत्रण लगाया गया है। सरकार अब ऐसे विकल्पों पर काम कर रही है, जिससे ईंधन और विदेशी मुद्रा दोनों की बचत की जा सके।
अगले 6 महीनों तक नहीं होंगे बड़े सरकारी कार्यक्रम
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि महाराष्ट्र सरकार अगले छह महीनों तक कोई बड़ा सरकारी कार्यक्रम आयोजित नहीं करेगी। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि सातारा में होने वाला एक कार्यक्रम पहले से तय था और उस पर खर्च भी हो चुका था, इसलिए उसे रद्द नहीं किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में केवल जरूरी कार्यक्रम ही आयोजित किए जाएंगे और गैर-जरूरी आयोजनों से बचा जाएगा। सरकार का उद्देश्य फिजूलखर्ची रोकना और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है।
विपक्ष की आलोचना पर सीएम का पलटवार
प्रधानमंत्री मोदी की अपील को लेकर विपक्ष द्वारा की जा रही आलोचना पर भी मुख्यमंत्री फडणवीस ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देश इससे भी ज्यादा कड़े कदम उठा रहे हैं और भारत में केवल सीमित स्तर पर बचत की अपील की गई है।
उन्होंने कहा कि यह कोई जबरदस्ती थोपा गया फैसला नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखते हुए लोगों से सहयोग मांगा गया है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे मुद्दों पर अनावश्यक राजनीति करना उचित नहीं है।
इंदिरा गांधी और पी. चिदंबरम के फैसलों का भी किया जिक्र
सीएम फडणवीस ने कहा कि इससे पहले भी देश में ऐसे फैसले लिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी के कार्यकाल में भी इसी तरह के कदम उठाए गए थे। इसके अलावा वर्ष 2012 में तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने भी ईंधन बचत को लेकर फैसले किए थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए यदि देशहित में छोटे-छोटे बदलाव किए जा रहे हैं, तो सभी को उसका समर्थन करना चाहिए।
प्रधानमंत्री के विदेश दौरे पर भी दिया जवाब
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित विदेश दौरे को लेकर हो रही आलोचनाओं पर भी मुख्यमंत्री फडणवीस ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विदेश दौरे देश के रणनीतिक और आर्थिक हितों से जुड़े होते हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां मजबूत होती हैं और देश की अर्थव्यवस्था को लाभ मिलता है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विदेश यात्राओं को टालने की अपील केवल गैर-जरूरी दौरों के लिए थी। इसका मतलब यह नहीं है कि जरूरी व्यापारिक या कूटनीतिक गतिविधियों को रोक दिया जाए।
