दर्द के बीच सजा प्यार का मंडप: कानपुर के अस्पताल में दूल्हे ने भरी दुल्हन की मांग, भावुक कर गई अनोखी शादी

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कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर से सच्चे प्यार, भरोसे और रिश्ते की मिसाल पेश करने वाली एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। शादी से ठीक पहले आग हादसे में झुलसी दुल्हन अस्पताल में जिंदगी और दर्द से जूझ रही थी, लेकिन दूल्हे ने मुश्किल वक्त में उसका साथ छोड़ने के बजाय अस्पताल पहुंचकर उसी बर्न वार्ड को शादी का मंडप बना दिया।

घाटमपुर थाना क्षेत्र के जगन्नाथपुर गांव निवासी जगदीश की बेटी श्वेता की शादी गुरुवार को तय थी। घर में शादी की तैयारियां पूरे उत्साह के साथ चल रही थीं। मेहंदी की रस्म हो चुकी थी, रिश्तेदारों का जमावड़ा लगा था और पूरा घर खुशियों से भरा हुआ था। लेकिन अचानक हुए एक हादसे ने कुछ ही पलों में पूरे माहौल को मातम में बदल दिया।

गैस रिसाव से भड़की आग, 12 लोग झुलसे

जानकारी के मुताबिक, खाना बनाते समय गैस सिलेंडर की पाइप से रिसाव हुआ और अचानक आग लग गई। आग बुझाने की कोशिश के दौरान गर्म तेल से भरी कढ़ाई पलट गई, जिससे आसपास मौजूद लोग झुलस गए।

इस हादसे में दुल्हन श्वेता समेत 12 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। आनन-फानन में घायलों को घाटमपुर सीएचसी पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में श्वेता को कानपुर के जाजमऊ स्थित मिशिका अस्पताल रेफर कर दिया गया।

दूल्हे ने कहा- मुश्किल में साथ छोड़ दिया तो रिश्ते का क्या मतलब

हादसे के बाद दोनों परिवारों को लगा कि शादी टालनी पड़ेगी। लेकिन जैसे ही दूल्हे विकास सिंह को घटना की जानकारी मिली, वह तुरंत अस्पताल पहुंच गया।

बर्न वार्ड में दर्द से जूझ रही श्वेता को देखकर विकास भावुक हो उठा। परिवार के लोगों ने हालात सामान्य होने तक शादी टालने की सलाह दी, लेकिन विकास ने साफ शब्दों में कहा कि शादी सिर्फ खुशियों का रिश्ता नहीं होती।

उसने कहा, “अगर आज मुश्किल समय में साथ छोड़ दूं, तो सात फेरों और वादों का कोई अर्थ नहीं रहेगा। मैं हर हाल में श्वेता का साथ निभाऊंगा।”

अस्पताल का बर्न वार्ड बना शादी का मंडप

विकास की बात सुनकर परिवार, रिश्तेदार और अस्पताल स्टाफ भावुक हो गए। इसके बाद दोनों परिवारों और अस्पताल प्रशासन की सहमति से अस्पताल के बर्न वार्ड में ही शादी कराने का फैसला लिया गया।

कुछ ही देर में अस्पताल का कमरा मंडप में बदल गया। जहां मशीनों की आवाजें थीं, वहां फूलों से सजावट की गई। रिश्तेदारों की आंखों में आंसू थे, लेकिन उन आंसुओं में गर्व और भावनाएं भी साफ दिखाई दे रही थीं।

सिंदूर के उस पल ने हर किसी को रुला दिया

अस्पताल के बेड पर बैठी श्वेता के सामने दूल्हा विकास शादी के जोड़े में खड़ा था। पंडित ने मंत्रोच्चार शुरू किया और पूरे माहौल में भावनाएं उमड़ पड़ीं। डॉक्टर, नर्स और अस्पताल स्टाफ भी इस दृश्य को देखकर खुद को भावुक होने से नहीं रोक सके।

इसके बाद विकास ने कांपते हाथों से श्वेता की मांग में सिंदूर भरा और उसे अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया। बर्न वार्ड तालियों, दुआओं और आंसुओं से गूंज उठा।

‘जिंदगीभर साथ निभाऊंगा’

शादी के बाद विकास ने कहा कि उसने श्वेता का हाथ जिंदगीभर साथ निभाने के लिए थामा है और वह किसी भी परिस्थिति में उसे अकेला नहीं छोड़ेगा।

अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, श्वेता की हालत में सुधार हो रहा है और जल्द ही उसे डिस्चार्ज किया जा सकता है। परिवार ने तय किया है कि उसके पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद बाकी रस्में और विदाई धूमधाम से की जाएगी।

कानपुर की यह घटना अब सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि सच्चे प्रेम, भरोसे और रिश्तों की मजबूती की ऐसी मिसाल बन चुकी है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया।

 

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