कच्चा अंडा पीना फायदे का सौदा या सेहत के लिए खतरा? जानिए क्या कहता है विज्ञान और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय

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नई दिल्ली: फिटनेस और बॉडी बिल्डिंग की दुनिया में कच्चा अंडा पीने का चलन लंबे समय से देखा जाता रहा है। कई लोग मानते हैं कि अंडे को पकाने से उसके पोषक तत्व कम हो जाते हैं, इसलिए उसे कच्चा खाना या दूध में मिलाकर पीना अधिक फायदेमंद होता है। हालांकि वैज्ञानिक शोध और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय इस धारणा से पूरी तरह सहमत नहीं है।

विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चा अंडा खाने से जुड़े फायदे सीमित हैं, जबकि इसके साथ कुछ गंभीर स्वास्थ्य जोखिम भी जुड़े हो सकते हैं।

क्या कच्चे अंडे का प्रोटीन ज्यादा असरदार होता है?

आम धारणा के विपरीत, वैज्ञानिक अध्ययनों में पाया गया है कि शरीर पके हुए अंडे के प्रोटीन को कच्चे अंडे की तुलना में अधिक प्रभावी ढंग से अवशोषित कर पाता है।

जानकारों के मुताबिक, पके हुए अंडे का लगभग 90 प्रतिशत प्रोटीन शरीर आसानी से उपयोग कर लेता है, जबकि कच्चे अंडे के मामले में यह क्षमता काफी कम रहती है। यानी सिर्फ अधिक प्रोटीन पाने की उम्मीद में कच्चा अंडा खाना जरूरी नहीं कि बेहतर विकल्प साबित हो।

बायोटिन की कमी का भी हो सकता है असर

कच्चे अंडे के सफेद हिस्से में एविडिन नामक प्रोटीन पाया जाता है। यह शरीर में बायोटिन यानी विटामिन बी-7 के अवशोषण में बाधा पैदा कर सकता है।

यदि लंबे समय तक नियमित रूप से अधिक मात्रा में कच्चे अंडे खाए जाएं, तो इससे शरीर में बायोटिन की कमी होने का जोखिम बढ़ सकता है।

साल्मोनेला संक्रमण सबसे बड़ा खतरा

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चा अंडा खाने से जुड़ा सबसे गंभीर जोखिम साल्मोनेला बैक्टीरिया का संक्रमण है। यह बैक्टीरिया अंडे के भीतर या उसके बाहरी हिस्से में मौजूद हो सकता है।

यदि यह शरीर में पहुंच जाए तो फूड पॉइजनिंग की समस्या हो सकती है, जिससे पेट दर्द, दस्त, उल्टी, बुखार और डिहाइड्रेशन जैसी परेशानियां उत्पन्न हो सकती हैं। कुछ मामलों में संक्रमण गंभीर रूप भी ले सकता है।

किन लोगों को बिल्कुल नहीं खाना चाहिए कच्चा अंडा?

डॉक्टरों के अनुसार कुछ लोगों को कच्चे अंडे से पूरी तरह दूरी बनाकर रखनी चाहिए। इनमें गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चे, बुजुर्ग और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोग शामिल हैं।

इसके अलावा गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए भी कच्चा अंडा संक्रमण का जोखिम बढ़ा सकता है। ऐसे लोगों में साल्मोनेला संक्रमण तेजी से गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है।

अंडा खाने का सबसे सुरक्षित तरीका क्या है?

विशेषज्ञों का मानना है कि अंडे के पोषक तत्वों का लाभ सुरक्षित रूप से प्राप्त करने के लिए उसे अच्छी तरह पकाकर खाना बेहतर विकल्प है।

उबला हुआ अंडा, ऑमलेट या पूरी तरह पका हुआ अंडा न केवल सुरक्षित माना जाता है, बल्कि इसका प्रोटीन भी शरीर अधिक प्रभावी तरीके से ग्रहण कर पाता है। पर्याप्त तापमान पर पकाने से संभावित हानिकारक बैक्टीरिया भी नष्ट हो जाते हैं।

फिटनेस के लिए जरूरी है संतुलित दृष्टिकोण

विशेषज्ञों का कहना है कि बेहतर स्वास्थ्य और मांसपेशियों के विकास के लिए केवल कच्चे अंडे पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और पर्याप्त प्रोटीन सेवन अधिक महत्वपूर्ण है। इसलिए किसी भी खाद्य आदत को अपनाने से पहले उसके लाभ और जोखिम दोनों को समझना जरूरी है।

 

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